अनुदान के आधार पर वराह त्रयी (सूकर त्रयी) का प्रदाय) (योजना केवल अनुसूचित जाति/जनजाति के हितग्राहियों के लिए)

सं.क्र.योजनाविवरण
1.उददेश्यदेशी / स्थानीय वराह (सूकर) की नस्ल में सुधार लाना।
2.योजनाइस योजना मे अनुसूचित जाति/जनजाति  वर्ग के लिए संचालित है।योजना प्रदेश के समस्त जिलों मे क्रियान्वित।
3.हितग्राहीअनुसूचित जाति/जनजाति के वराह पालकों के लिए संचालित।
4.योजना इकाईदो मिडिल व्हाईट यार्कशायर मादा एवं एक नर मिडिल व्हाईट यार्कशायर
5.इकाई लागतरूपये 15000.00
6.अनुदानअनुसूचति जाति/जनजाति के सूकर पालकों के लिये 75 प्रतिशत् अनुदान शेष 25 प्रतिशत हितग्राही अंश  
7.चयन प्रक्रियाहितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्त करना। 
8.संपर्कसंबंधित जिले के निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु औषधालय के प्रभारी /उपसंचालक पशु चिकित्सा ।