आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना

सं.क्र.योजनाविवरण
1.उददेश्यदुग्ध उत्पादन में वृद्धि।हितग्राहियों की आर्थिक स्थ्तिि मे सुधार लाना।पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धिरोजगार के अवसर प्रदाय करना
2.योजनायोजना सभी वर्ग के हितग्राहीयों के लिए।हितग्राही के पास 5 पशुओं हेतु  न्यूनतम 1 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है तथा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने से आनुपातिक रूप से वृद्धि करते हुए न्यूनतम कृषि भूमि का निर्धारण किया जाएगा। मिल्क रूट को क्रियान्वयन को प्राथमिकता।
3.हितग्राहीसभी वर्ग केे सीमान्त एवं लघु कृषक। 
4.इकाई लागतपशुपालक न्यूनतम 5 या इसस¢  अधिक पशु की योजना स्वीकृत करा सकेगा तथा परियोजना की अधिकतम सीमा राशि रू. 10.00 लाख तक होगी ।परियोजना लागत का  75 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करनी होगी तथा शेष राशि की व्यवस्था मार्जिन मनी सहायता एवं हितग्राही का स्वयं के अंशदान के रूप में करनी होगी। इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम रू. 25,000 प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी। 5 प्रतिशत से अधिक शेष ब्याज दर पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हितग्राही को स्वयं करना होगी।
5.मार्जिन मनी सहायतासामान्य वर्ग हेतु परियोजना लागत का 25 प्रतिशत्, अधिकतम रू. 1.50 लाखअनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हेतु परियोजना लागत का 33 प्रतिशत्, अधिकतम रू. 2.00 लाख ।
6.चयन प्रक्रियाहितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशुपालन विभाग अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति हेतु बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेगें। 
 संपर्कसंबंधित जिले के निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु औषधालय के प्रभारी /उपसंचालक पशु चिकित्सा ।