कुक्‍कुट की विभिन्‍न नस्‍लें और उनके अभिरक्षण

कुक्‍कुटों का वर्गीकरण

       कुक्‍कुटों को कई वर्गों एवं प्ररूपों में विभाजित किया गया है। प्रत्‍येक वर्ग में विभिन्‍न उपजातियों से युक्‍त अनेक नस्‍लें हैं और प्रत्‍येक उपजाति में भिन्‍न-भिन्‍न विभेद हैं। 

       व्‍यापारिक महत्‍व के उत्‍पाद को उत्‍पन्‍न करने की कूक्‍कूट की क्षमता पर किए गए वर्गीकरण से संबन्धित होता है। प्ररूप के अनुसार वर्गीकरण निम्‍नलिखित कारकों पर आधारित होता है- (ए) अंडा (बी) मांस एवं (सी) विविध। प्ररूप वर्गीकरण को उपयोगिता वर्गीकरण के रूप में भी जाना जाता है। 

      कुक्‍कुट के मुख्‍य वर्ग निम्‍नलिखित हैं :

  1. अमेरिकन वर्ग्‍ 
  2. इंगलिश वर्ग 
  3. भूमध्‍यसागरीय वर्ग
  4. एशियाटिक वर्ग

कुक्‍कुटों को दो प्ररूपों में विभाजित किया जा सकता है : (1) देशी और (2) विदेशी

      (1)  देशी कुक्‍कुट : देशी शब्‍द ऐसे सभी देशी कुक्‍कुटों को सूचित करने के लिए प्रयुक्‍त किया जाता है, जिनके नाम स्‍थानीय या सुस्‍पस्‍ट अभिलक्षण होते है, जैसे असील() चटगांव() आदि। देशी कुक्‍कुटों के आकार एवं रूप में पर्याप्‍त विभिन्‍नता पाई जाती है और एक छोटे से ग्रुप () में भी सामान्‍यत: विभिन्‍न रंगों एवं बनावट के कुक्‍कुट देखे जाते है। फिर भी, भारत में उनकी संख्‍या बहुत अधिक है और अंडे देने वाली मुर्गियों के रूप में उनका महत्‍व कम है। तथापि, देशी मुगियां उत्‍तम जनक होती है। 

     (2) विदेशी कुक्‍कुट : इस पद को उन्‍नत नस्‍लों, अथवा  सामान्‍यत: विदेशी नस्‍लों एवं भारत में आयातित कुक्‍कुट, जैसे ह़वाइट लगहार्न्, रोड आइलैड रेड आदि की अपेक्षाकृत आधुनिक नस्‍लों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। तथापि, भारत में शुद्ध वंशज आयातित कुक्‍कुटों की संख्‍या बहुत कम है और यह देश की कुल कुक्‍कुट संख्‍या का केवल 1.5 प्रतिशत है। 

भारत में उपलब्ध मुख्‍य विदेशी नस्‍लों का परिचय 

मुख्‍य विदेशी नसलों का परिचय निम्‍नलिखित है :

   1. लेगहार्न : विश्‍व की सर्वोत्‍म व सबसे लोकप्रिय, अंडा उत्‍पादक नस्‍ल है। ये सफेद अंडे देती है। मुर्गे तथा मुर्गी का औसत भार क्रमश: 2.00 व 1.5 कि.ग्रा. होता है। लेगहार्न लगभग 200 या अधिक अंडे प्रति वर्ग देती है।

   2. रोड आइलैंड रेड :  इन विषेशताओं के कारण यह अंडा एवं मांस उत्‍पादन के लिए अच्‍छी समझी जाती है। ये भूरे रंग की अंडे देती है। मुर्गी तथा मुर्गे का औसत भार क्रमश:2.0 व 3.0 कि.ग्रा. होता है। इनका औसत उत्‍पादन लगभग 190 अंडे प्रति वर्ष होता है।

  3. आस्‍ट्रालोर्प : यह मांस व अंडा, दोनों के लिए उपयोगी है। यह भूरे रंग की अंडे देती है। नर व मादा का औसत भार क्रमश: 3.0 से 2.0 कि.ग्रा; होता है। इनका औसत अंडा उत्‍पादन लगभग 190 अंडे प्रति वर्ष होता है। 

  4. प्‍लाइमाउथ राक : यह अमेंरिका में मांस के लिए सबसे अधिक लोकप्रिय जालियों में से एक है इसका इस्‍तेमाल कॉर्निश के साथ संकरण में मादा वंशक्रम के यप मे किया जाता है।

  5कार्निश : यह इंगलैण्‍ड में मांस के लिए सबसे लोकप्रिय व प्रसिद्ध नस्‍ल है। नर व मादा का औसत भार क्रमश: 4.0 व 3.0 कि.ग्रा. होता है। 

  6. न्‍यू हैम्‍पशायर : यह मांस एवं अंडा उत्‍पादन के लिए प्रसिद्ध एक अमरीकी जाति है। अंडों का रंग भूरा होता है। इसका औसत उत्‍पादन 175 अंडे प्रति वर्ष है। नर व मादा का औसत भार क्रमश: 4.0 एवं 3.0 कि.ग्रा. होता है।