केन्‍दीय कुक्‍कुट विकास संगठनों में जैवसुरक्षा के लिए सामान्‍य मार्ग-निर्देश

कार्यकारी सारांश

जैवसुरक्षा एक एकीकृत संकल्‍पना है जिसमें सम्‍बद्ध पर्यावरणीय जोखिम सहित पशु स्‍वास्‍थ्‍य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में जोखिमों का विश्‍लेषण और प्रबंधन करने के लिए नीति और विनियामक फ्रेमवर्क शामिल किए गए हैं। नब्‍बे के दशक से कृषि में वैश्विक व्‍यापार के उदारीकरण से संवृद्धि और विविधीकरण के लिए नए अवसर उत्‍पन्‍न होने के अतिरिक्‍त कई चुनौतियां सामने आई हैं। नाशक जीवों के लिए कोई भौगोलिक सीमाएं नहीं होती हैं और व्‍यापार के उदारीकरण से, पशुओं (पशुधन, कुक्‍कुट) और पशु उत्‍पादों के आयात के माध्‍यम से पशु रोगों और नाशक जीवों के नए मार्ग खुल गए हैं। बहुत से नाशक जीवों में स्‍थापित करने और गंभीर आर्थिक हानियों का कारण बनने की क्षमता है।

एकीकृत जैवसुरक्षा कार्यक्रम केवल न्‍यूनतम स्‍तर पर रोगों पर नियंत्रित करने के उद्देश्‍य से सतत् आधार पर उद्यम, रोग की स्थिति की मानीटरिंग, चल रहे कुक्‍कुट फार्म प्रचालनों के मूल्‍यांकन के लिए युक्तियुक्‍त और ठोस सिद्धांतों पर एक अनुप्रयोग है।

सीपीडीओ (ईआर), भुवनेश्‍वर और सीपीडीओ एंड टीआई (एसआर), हैस्‍सरघट्टा में एवियन इंफ्लूइंजा के प्रकोप से सबक लेने के बाद, भविष्‍य में किन्‍हीं आपदाओं को रोकने के लिए हमें यथासंभव एक त्रुटिहीन जैवसुरक्षा योजना क्रियान्वित करनी चाहिए। जैवसुरक्षा पर गहन निगरानी रखने और उसे बनाए रखने के लिए एक रूपरेखा के रूप में कार्य करने के लिए इन मानक प्रचालन प्रक्रियाओं का प्रस्‍ताव किया जाता है। निम्‍नलिखित शीर्षकों के अधीन मानक प्रचालन प्रक्रियाएं तैयार की गई हैं:

  1. फार्म की अवस्थिति और डिजाइन
  2. पक्षियों तक प्रतिबंधित पहुंच
  1. फार्म स्‍तर पर सामान्‍यतया आवाजाही पर प्रतिबंध
  2. कुक्‍कुट शैड स्‍तर पर आवाजाही पर प्रतिबंध
  3. फार्म क्षेत्र में वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध
  4. आगन्‍तुकों पर प्रतिबंध
  5. फार्म कामगारों पर प्रतिबंध
  6. फार्म में संक्रमण के संचारण के वाहकों पर प्रतिबंध
  7. बहु प्रजाति पालन और सावधानियां

3. नए पक्षियों का विलगन और संगरोध
4. सफाई और स्‍वच्‍छता

क. फार्म उपकरणों की सफाई और रोगाणुनाशन

  1. मुर्गी खानों की सफाई और रोगाणुनाशन
    i) पूर्ण या अन्तिम मुर्गी खाने की सफाई

ii) आंशिक/समवर्ती मुर्गी खाने की सफाई

5. व्‍यक्तिगत सफाई
6. कुक्‍कुट खाद का स्‍वच्‍छतापूर्ण निपटान
7. मृत पक्षियों का निपटान
8. आहार सुरक्षा
9. विश्राम की अवधि या एकल आयु वर्ग का पालन
10. पक्षियों की चिकित्‍सा/टीकाकरण
11. पक्षी समूह फ्लॉक की स्थिति
12. अत्‍यधिक जोखिम/चेतावनी की स्थिति के लिए
13. प्रलेखन और अभिलेख रखना

एक प्रभावशाली कुक्‍कुट जैवसुरक्षा योजना को क्रियान्वित करने के लिए एक निर्देशात्‍मक जांच सूची भी तत्‍काल संदर्भ के लिए शामिल की जाती है। यह भी निर्णय किया गया है कि उच्‍च प्राथमिकता के आधार पर निम्‍नलिखित कार्रवाई की जाए:

  1.         फार्म क्षेत्र से वन्‍य पक्षियों/जल पक्षियों/कौवों, आदि को दूर रखने के लिए कार्य नीति के अनुसार बर्ड रिफ्लेक्‍टरों की स्‍थापना।
  2. ध्‍वनि तरंगों द्वारा पक्षियों को दूर भगाने के लिए अधिक फ्रीक्‍वेंसी वाले ध्‍वनि उपकरणों की तत्‍काल खरीद और स्‍थापना। निकटवर्ती आरडीडीएल को किट्स की मदद से मौके पर रोग निदान के लिए उनके मानदण्‍डों और नयाचार के अनुसार नमूने/सामग्री एकत्र करने के लिए और, भोपाल को आगे सूचना देने के लिए भी सूचित किया जाना चाहिए।
  1. रोग निदान के अन्तिम परीक्षण होने तक किसी शैड या फार्म में संदिग्‍ध या निदान किए गए किसी रोग की स्थिति में और नामित/एचएसएडीएल, भोपाल से पुष्टि के बाद अधिसूचित रोगों/एवियन इंफ्लूइंजा की स्थिति में सभी कुक्‍कुट उत्‍पादों, आहार और चारा अवयवों आदि की खरीद-बिक्री/आवक-जावक तत्‍काल रोक दें।
  2. मृत पक्षी/पक्षियों का निपटान जैव-सुरक्षित विधि से किया जाए और अधिसूचित रोगों के लिए पशुपालन, डेयरी और मत्‍स्‍यपालन विभाग, भारत सरकार की कार्य योजना के अनुसार किया जाए।
  3. यदि फाम के परिसर में वन्‍य पक्षी/जल पक्षियों/कौवों, आदि में कोई मृत्‍यु सूचित की जाती है तो ऐसे पक्षियों की शव परीक्षा फार्म के क्षेत्र में बिल्‍कुल नहीं की जानी चाहिए। विभाग को आरडीडीएल को तत्‍काल सूचना दी जानी चाहिए और आरडीडीएल से निदान के लिए उनके नयाचार के अनुसार नमूने एकत्र करने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित की जाने वाली अपेक्षा के अनुसार निदान के लिए भोपाल को आगे भेजने के लिए अनुरोध किया जाना चाहिए।
  4. यदि किसी फार्म में एवियन एंफ्लूइंजा या अधिसूचित रोग का सन्‍देह है या उसकी पुष्टि हो जाती है तो फार्म के स्‍टाफ को वहां से तत्‍काल हटा दिया जाए।
  5. एसओपी जैव-सुरक्षा और पशुपालन, डेयरी और मत्‍स्‍यपालन विभाग द्वारा अग्रेषित एवियन इंफ्लूइंजा से संबंधित कार्य योजना-2012 के संबंध में सीपीडीओ और राज्‍य के सभी फार्मों द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए जिनमें राज्‍य के पशुचिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय/महाविद्यालय के कुक्‍कुट विज्ञान, चिकित्‍सा, जानपदिक रोग विज्ञान, पशुचिकित्‍सा सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य विभागों और आरडीडीएल से वक्‍ताओं को आमंत्रित किया जाए। ऐसी कार्यशालाओं में राज्‍य सरकार के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाए।
  6. जब कभी जैव सुरक्षा के सामान्‍य मार्ग-निर्देशों या एवियन इंफ्लूइंजा से संबंधित कार्य योजना में आशोधन या उन्‍हें अद्यतन किया जाता है तब ऐसी कार्यशाला अधिसूचना की या उन्‍हें जारी करने की तारीख से 15 दिन के अन्‍दर आयोजित की जाएगी।

जैवसुरक्षा के संबंध में मार्ग-निर्देश और जांच सूची


प्रभावशाली कुक्‍कुट जैवसुरक्षा योजना के कार्यान्‍वयन के लिए निर्देशात्‍मक त्‍वरित जांच सूची

इनमें से किसी भी सुझाव के कार्यान्‍वयन से रोग के प्रवेश की जोखिम कम होगी। क्रियान्वित किए गए प्रत्‍येक अतिरिक्‍त सुझाव से जैवसुरक्षा की जोखिम और अधिक कम होगी।

  • पेरीमीटर सुरक्षित करें; प्रवेश मार्ग पर ‘प्रतिबंधित’ सूचना-पट्ट लगाएं।
  • शैडों के आसपास कोई वृक्ष या सघन पत्‍ता-चार न हो; वन्‍य पक्षियों के लिए बैठने का स्‍थान न हो।
  • अनिवार्य कार्मिक तक प्रतिबंधित प्रवेश और प्रवेश का रिकार्ड रखा जाए।
  • मुर्गी खानों को ताला लगा कर रखें; जब अन्‍दर हों तब दरवाजा अन्‍दर से बन्‍द करें।
  • प्रत्‍येक शैड के लिए स्‍टाफ और आगन्‍तुकों के लिए बूट और आवरण मुहैया करें।
  • स्‍टाफ द्वारा प्रत्‍येक शैड में प्रवेश करने पर डेडिकेटिड/प्रयोज्‍य बूट और आवरण पहनने चाहिएं। यदि फुटबाथ नियमित रूप से बदले जाते हैं तो शैड के अन्‍दर के साफ फुटबाथ उपयुक्‍त हो सकते हैं।
  • जब समूह की देखभाल की जाए तब रेजिडेंट समूह प्रबंधक को फार्म के बाहर पहनने वाले वस्‍त्र (जूते, बुट, टोपी, दस्‍ताने इत्‍यादी) अलग रखने चाहिए।
  • समूह की देखभाल करने के बाद, परिसर से बाहर जाने से पहले पूरे वस्‍त्र बदलें और हाथ तथा बाहें धोएं।
  • समूह प्रबंधक और अन्‍य रखपालों को किसी अन्‍य कुक्‍कुट समूह में नहीं जाना चाहिए।
  • यदि संभव हो तो आगन्‍तुकों को पक्षीयां अलग से दिखाने की सुविधाएं(शो एरीया) शेड मुहैया करें।
  • मृत कुक्‍कुट प्रतिदिन हटाएं। अनुमोदित विधि से उन्‍हें स्‍टोर करें या उनका निपटान करें।
  • यह सुनिश्चित करें कि स्‍टाफ और आगन्‍तुक अन्‍य एवियन प्रजातियों को पालने या रखने के खतरों और अपने समूह के साथ उनके सम्‍पर्क के खतरों से अवगत हैं।
  • अनिवार्य आगन्‍तुकों, जैसे मालिकों, मीटर रीडरों, सेवा कार्मिकों, ईंधन और चारा डिलीवरी ड्राइवरों तथा कुक्‍कुट कैचरों/हैन्‍डलर और हालरों को समूह के पास जाने से पहले बूटों और टोपी सहित बाहरी सुरक्षा के वस्‍त्र पहनने चाहिएं।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि कुक्‍कुट लेने अथवा डिलीवरी करने, आहार की डिलीवरी करने, ईंधन की डिलीवरी करने आदि के लिए परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों की मानीटरिंग की जाए कि क्‍या प्रवेश करने से पहले उनकी सफाई (अंडरकेरिज और टायरों सहित) की गई है उन पर रोगाणुनाशन स्‍प्रे किया गया है।
  • उपकरणों, आपूर्तियों आदि की आवक न्‍यूनतम करें और रोगाणुनाशन, शिपिंग बक्‍सों से हटाने, जैसी उपयुक्‍त सावधानियां बरतें।
  • उपयोग से पहले और बाद में सभी दरबों, क्रेटों और अन्‍य कुक्‍कुट कंटेनरों को साफ करें, रोगाणुओं को समाप्‍त करें।
  • कीट, मेमिलियन और एवियन वैक्‍टरों के लिए एक सुदृढ़ वेक्‍टर नियंत्रण कार्यक्रम क्रियान्वित करें।
  • चारा केन्‍द्रों का रख-रखाव करें, बिखरे आहार को साफ करें, वन्‍य पशुओं (चूहों, पक्षियों, कीटों) या पालतु पशुओं (कुत्‍तों, बिल्लियों) के प्रवेश को रोकें। खिड़कियों, एयर इनलेंटों, डोर्स फीड बिन एग्‍जास्‍ट्स में स्‍क्रीन का उपयोग करें।
  • कम से कम पेड़-पौधे रखें और वैक्‍टरों के लिए आहार और शैल्‍टर के अवसरों को कम करने के लिए कुक्‍कुट सुविधाओं के आसपास कचरा न हो।
  • यह सुनिश्चित करें कि आहर, जल और बिछौने संक्रमक एजेंटों से मुक्‍त हों।
  • पशुचिकित्‍सक के साथ नियमित आधार पर टीकाकरण नयाचार सहित अपनी जैवसुरक्षा योजना और समूह स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम की समीक्षा करें।
  • बीमार या मरणासन्‍न पक्षियों को राज्‍य की प्रयोगशाला में निदान के लिए भेजा जाना चाहिए। वाणिज्यिक उत्‍पादकों को अपने समूह के पर्यवेक्षक से सम्‍पर्क करना चाहिए।

सिद्धांत:

रोगों को कम से कम न्‍यूनतम स्‍तर पर रोकने के उद्देश्‍य से एकीकृत जैवसुरक्षा कार्यक्रम कार्यक्रम को सतत् आधार पर उद्यम, रोग की स्थिति की मानीटरिंग, कुक्‍कुट फार्मों के चल रहे प्रचालनों के मूल्‍यांकन के लिए युक्तियुक्‍त और ठोस सिद्धांतों पर अनुप्रयोग के रूप में माना जाना चाहिए।

फार्म की स्‍थापना करते समय आरम्‍भ में ही अवस्थिति और संरचनात्‍मक जैवसुरक्षा सिद्धांतों को अपनाना होगा। प्रचालनात्‍मक जैवसुरक्षा उपाय सामान्‍यतया तीन मूलभूत सिद्धांतों के इर्दगिर्द घूमते हैं, नामत:

क) विलगन,
ख) ट्रैफिक कंट्रोल, और
ग) स्‍वच्‍छता

इनका पुन: विभिन्‍न उप-समूहों में वर्गीकरण किया जाता है, जिनका जांच सूची के रूप में तत्‍काल संदर्भ के लिए नीचे उल्‍लेख किया जाता है:

यह अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण है कि पक्षी तनाव से मुक्‍त होने चाहिएं जिसके लिए उन्‍हें अधिक संख्‍या में भरे जाने से गुरेज किया जाना चाहिए, पर्यावरण परिवेश को बनाने के लिए वायु संचार और तापमान विनियमित किया जाना चाहिए। स्‍वच्‍छता, अच्‍छी किस्‍म का आहार/प्रिमिक्‍स और पेय जल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इन मूलभूत प्रबंधन उपायों से पक्षियों को रोगजनकों के प्रति संवेदनशील बनाने वाले तनाव के कारण कम होंगे जिससे इम्‍युनोसुप्रेशन में कमी होगा।

फार्म की अवस्थिति और डिजाइन

iii) कुक्‍कुट फार्म, जो बहुमूल्‍य जर्मप्‍लाज्‍म रखता है, अन्‍य फार्मों से दूर, आदर्श रूप से एक भली-भांति अलग स्‍थान पर स्थित होना चाहिए। यह जल-विभाजिकाओं से दूर स्थित होना चाहिए जो वन्‍य पक्षियों और पशुओं के लिए जल का स्रोत हो सकती हैं। ये वन्‍य पक्षी अन्‍तत: फार्म में रखे जा रहे पक्षियों के संक्रमण का स्रोत बन सकते हैं। आदर्श रूप में, यह अन्‍य वाणिज्यिक फार्मों से कम से कम 1-2 किलोमीटर दूर होना चाहिए।

  • फार्म और अंडन उत्‍पवत्तिशाला की सीमा चारदीवार या अन्‍य उपायों से सुरक्षित की जानी चाहिए।
  • प्रत्‍येक प्रजाति यूनिट पर क्षेत्रीय और स्‍थानीय भाषाओं में जैवसुरक्षा के एसओपी प्रदर्शित किए जाने चाहिएं।
  • प्रत्‍येक प्रजाति यूनिट के प्रजनन स्‍टाक और अंडज उत्‍पत्तिशालाओं (हैचरी) पर “जैवसुरक्षा क्षेत्र” “आगन्‍तुकों को प्रवेश की अनुमति नहीं है” दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिएं।
  • फार्म इस प्रकार डिजाइन किया जाना चाहिए कि इसमें पर्याप्‍त हवा आ जा सके। और इसमें धूप आनी चाहिए। यह मुर्गी खाने में संचित गैसों के प्रभाव को कम करने के अतिरिक्‍त संक्रामक एजेंटों के बनने को कम करने के लिए आवश्‍यक है।
  • लम्‍बे अक्षों की दिशा: यह फार्म की भौगोलिक अवस्थिति पर निर्भर करती है। यदि फार्म ठंडे क्षेत्र में स्थित है तब लम्‍बे अक्ष की दिशा उत्‍तर-दक्षिण होनी चाहिए। यदि फार्म गर्म और आर्द्र स्थिति में स्थित है तब लम्‍बे अक्ष की दिशा पूर्व-पश्चिम होनी चाहिए। यदि फार्म गर्मी के महीनों में अत्‍यधिक तापमान वाले क्षेत्र में स्थित है तब लम्‍बे अक्ष की दिशा दक्षिण-पूर्वी होनी चाहिए।
  • टर्की, बतखों आदि जैसे कुक्‍कुट क विचरण-क्षेत्र में वृक्षों की लटकती शाखाएं काटी/हटाई जानी चाहिएं ताकि वन्‍य पक्षियों की बीट न गिरे। आदर्श रूप में वहां कोई सघन घास-पात या वृक्ष नहीं होने चाहिएं।
  • शैडों में छोटे वन्‍य पक्षियों को प्रवेश से रोकने के लिए सभी यूनिटों में पक्षियों को रोकने वाले जाल लगाना सुनिश्चित करें।
  • खुले नालों को ढकें ताकि वन्‍य पशु आकृष्‍ट न हों।
  • वन्‍य पक्षियों का कोई बसेरा नहीं होना चाहिए।
  • समुचित जल निकास सुविधा होनी चाहिए और जल जमा नहीं होना चाहिए।
  • आसानी से और समुचित सफाई के लिए मुर्गी खाने में कंक्रीट का फर्श होना चाहिए।
  • सभी कुक्‍कुट शेडों के प्रवेश द्वार पर एक-समान आकार के फुट डिप्‍स मुहैया किए जाने चाहिएं और अधिमानत: 50 प्रतिशत लाइम पाउडर + 50 प्रतिशत ब्‍लीचिंग पाउडर का उपयोग करें।
  • आदर्श रूप में, फार्म का नक्‍शा ऐसा होना चाहिए कि फार्म के प्रवेश स्‍थल पर ब्रूडर शैड के बाद उत्‍पादकों का शैड होना चाहिए और अन्‍त में वयस्‍क पक्षियों का शैड होना चाहिए। जल निकास प्रणाली के लिए भी ब्रूडिंग से वयस्‍क शैड की समान पद्धति अपनाई जानी चाहिए।
  • हैचरी दुसरे शेडों से कम से कम 500 फीट की दूरी पर होनी चाहिए।
  • बर्ड रिफ्लेक्‍टरों का उपयोग किया जाए।
  • जैवसुरक्षा की दृष्टि से, समान प्रकार के दो विभिन्‍न शैडों के बीच की दूरी 30 फुट और अलग-अलग प्रकार के शैडों के बीच की दूरी 100 फुट होनी चाहिए।
  • सड़कें कंक्रीट की होनी चाहिएं जिससे कि जीवाणु/विषाणु के जुते व टायरों के माध्‍यम से पहुंचना कम हो।
  • फार्म स्‍तर पर रोगों की नियमित मानीटरिंग और निगरानी के लिए दाहित्रों के निकट शव परीक्षा की जांच की सुविधा और समुचित सुविधाओं तथा जनशक्ति के साथ अलग प्रयोगशाला का होना भी अपेक्षित है।
  • द्वार पर बिक्री काउंटर पर सभी कुक्‍कुट और कुक्‍कुट उत्‍पादों की बिक्री के लिए सिंगल विंडो प्रणाली होनी चाहिए। फार्म या अंड उत्‍पत्तिशाला हैचरी को देखने के लिए ग्राहकों और उनके वाहनों को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
  • कुक्‍कुट और हैचरी उत्‍पादों की बिक्री के लिए बिक्री काउंटर की व्‍यवस्‍था प्रवेश द्वारा पर की जानी चाहिए ताकि वाणिज्यिक वाहन परिसर में प्रवेश न कर सकें।
  • किसानों के लिए होस्‍टल/प्रशिक्षण कक्ष आदि, जो फार्म शैड के निकट स्थित हो, को दूर शिफ्ट किया जाना चाहिए
  • कुक्‍कुट किसानों और अन्‍य प्रशिक्षुओं को कुक्‍कुट और अन्‍य एवियन प्रजातियों का प्रदर्शन करने के लिए एक प्रदर्शन शैड प्रयोगशाला के निकट निर्मित किया जाए।

iv) पक्षियों तक प्रतिबंधित पहुंच:

        इसका तात्‍पर्य घेराबन्‍दी और बाड़ा लगाकर फार्म तक पहुंच को प्रतिबंधित करना है जिनसे स्‍वच्‍छ क्षेत्रों, जहां कुक्‍कुट रखे जाते हैं, और बाहरी वातावरण के बीच एक अवरोध बनता है और यह फार्म से संक्रमण के स्रोत को रोकने और संक्रमित फार्म से अन्‍य असंक्रमित फार्म को संक्रमण के स्रोत को रोकने के लिए अत्‍यधिक महत्‍वपूर्ण जैवसुरक्षा उपाय है। फार्म और शैड, दोनों स्‍तर पर आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

यदि आवश्‍यक हो तो परिसर में गतिविधियों को मानीटर करने या उनके पर्यवेक्षण के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी की संस्‍तुति की जा सकती है।

क)       फार्म स्‍तर पर सामान्‍यतया आवाजाही पर प्रतिबंध:

  • विभिन्‍न प्रजाति यूनिटों के बीच बार-बार आवाजाही से बचने के लिए, जहां तक संभव हो, कुक्‍कुट की प्रत्‍येक प्रजाति के लिए अलग कार्मिक उपलब्‍ध कराए जाने चाहिएं।
  • कार्मिकों, वाहनों, पशुओं आदि के प्रवेश से बचने के लिए सभी फार्मों की घेराबंदी की जानी चाहिए।
  • प्रत्‍येक के लिए प्रवेश निषिद्ध करना चाहिए। फार्म के प्रबंधक या नियुक्‍त जिम्‍मेदार व्‍यक्ति की अनुमति से ही कुक्‍कुट फार्मों में प्रवेश किया जा सकता है।
  • फार्म में केवल उन व्‍यक्तियों को जाने की अनुमति दी जाए जिनकी फार्म में आवश्‍यकता हो, अर्थात् कार्मिक, चिकित्‍सा सेवाओं से संबंधित व्‍यक्ति।
  • यह बात ध्‍यान में रखी जानी चाहिए कि 24 घंटों के अन्‍दर विभिन्‍न फार्मों में जाने से गुरेज किया जाए। यदि आवश्‍यक हो तो दौरों के बीच स्‍नान की पुरजोर सिफारिश की जाती है। लोगों के उन दल पर भी ऐसे ही अनुदेश लागू किए जाने चाहिएं जो कुक्‍कुट को पकड़ते हैं और उनका लदान करते हैं।
  • फार्म में प्रवेश करने पर नियंत्रण में सुधार करने के लिए केवल एक प्रवेश और एक निकास द्वार होना चाहिए। ऐसे कार्मिकों के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली सड़क की प्रतिदिन सफाई की जानी चाहिए और उसका रोगाणुनाशन किया जाना चाहिए।
  • फार्म के प्रवेश स्‍थल पर बूट और प्रभावकारी रोगाणुनाशक से भरे व्‍हील डिप बाथ मुहैया किए जाने चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दैनिक आधार पर बाथ्‍स में रोगाणुशक का नवीकरण किया जाता है।

ख) शैड/कुक्‍कुट शैड स्‍तर पर आवाजाही पर प्रतिबंध

  • शैड हर समय बन्‍द रखा जाए।
  • आदर्श रूप में शैड में हाथ धोने की सुविधा सहित वस्‍त्र बदलने के कक्ष की सुविधा होनी चाहिए (यदि आवश्‍यक हो तो स्‍नान करने की सुविधा होनी चाहिए)।
  • सफाई के लिए, साफ वस्‍त्र और बूट पहनने की सुविधा होनी चाहिए और उपयोग करने के पश्‍चात उन्‍हें वस्‍त्र बदलने के कक्ष में छोड़ देना चाहिए, और बाहर जाते समय वे वस्‍त्र पहनने चाहिए जो उस व्‍यक्ति ने वस्‍त्र बदलने के कक्ष में प्रवेश करने से पहले पहने हुए थे।
  • यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी सामग्री, औषधियों और टीकों आदि की सफाई की जाती है और उन्‍हें रोगाणुओं से रहित किया जाता है तथा उन्‍हें विशेष रूप से डिजाइन किए गए भंडार कक्ष में 10 दिन रखा जाए  और इस भंडारक्ष कक्ष की नियमित रूप से सफाई की जानी चाहिए।
  • फार्म प्रचालनों में उपयोग की जाने वाली समस्‍त सामग्री की उपयोग से पहले और बाद में सफाई की जानी चाहिए और उसे रोगाणु रहित किया जाना चाहिए।

  • ग) फार्म क्षेत्र में वाहन प्रवेश पर निषेधः
  • चूंकि परिवहन से अनेक कुक्कुट रोग फैल जाते हैं और इस प्रकार बहुत ही महत्वपूर्ण है कि फार्म परिसर में प्रवेश करने से पहले वाहनों को साफ और रोगाणु मुक्त करें।
  • प्रवेश पर व्यक्ति के लिए पहियाडीप और वाकवे का प्रबंध होना चाहिए।
  • वाहनों की सफाई और रोगाणु वाले व्यक्ति को स्वच्छ और रोगाणु मुक्त कपड़े पहनने चाहिए।
  • सभी गंदगी, भूसा, सभी तलों से कीचड़, ह्वील आर्च इत्यादि से हटाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • सभी उपकरण को वाहन से हटाए जिसे खण्डित किया जा सके और जिसे उसी स्थान पर साफ न किया जा सके।
  • सफाई के उद्देश्य से सभी तलों को सोखने के लिए अच्छी कार, ट्रक सफाई उत्पाद का उपयोग करे। पहियों छत, लिफ्ट इत्यादि पर ध्यान देना चाहिए और तब इसे 15 से 30 मिनट तक छोड़ देना चाहिए।
  • अच्छे डिटर्जेट से हटाए गए उपकरण और वाहन के अन्य यंत्रोँ को साफ करना चाहिए. कुछ समय तक सुखाने के बाद, सभी तलों उपकरणों को उच्चदान पर निचोड़ दे।
  • वाहन के लिए सभी तापमान पर प्रभावी रहने और वाहन पर किसी भी प्रकार का कार्बनिक पदार्थ नहीं छूटना चाहिए।
  • रोगाणु नाशक परिचालनों के दौरान, सभी आंतरिक और वाह्य तलों को रोगाणु नाशकों से रोगाणु मुक्त करें। उपन से नीचे तक कार्य करें और क्रैक और पहियों पर ध्यान दें। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वाहन के अन्दर के भाग को भी रोगाणु मुक्त किया जाए।
  • इससे पानी निकालने और सूखाने के लिए वाहन को स्वच्छ और रोगमुक्त स्थल पर ले जाए।
  • चालक के आवागमन पर प्रतिबंध लगाएं। 
  • चालकों को केवल अण्डा भण्डारण कक्ष तक ही प्रवेश करने की अनुमति दी जाए। 
  • सभी आहार सुपुर्दगी वाहनों को आहार लदान से पहले साफ कर देना चाहिए।
  • आहार को पहले छोटे झुण्ड और तब बड़े झुण्ड के पास ले जाना चाहिए।
  • किसी भी परिस्थिति में चालकों को कुक्कुट आवासों में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
  • चालकों को प्रत्येक सुपुर्दगी के बाद रोगाणुनाशक से वाहन के फ्लोर बोर्ड और जूते के तलवे पर छिड़काव करना चाहिए।
  • दूसरे शेड तक आने से पहले हाथों को रोगाणुनाशक चोल से घुलना चाहिए।

(घ) दर्शकों पर प्रतिबंध

  • फार्म में रखी गई कुक्कुट से मिलने के लिए आवश्यक लोगों को मिलने की अनुमति देनी चाहिए। 
  • प्रदर्शन क्षेत्र अलग बचाए और वहां रखी गई पक्षियों को बाद में शेड आवास की पक्षियों के साथ नहीं रखना चाहिए।
  • यदि आगंतुकों के पास अपनी पक्षियॉं हैं तो उन्‍हें इन पक्षियों के निकट आने की अनुमति न दी जाए। 
  • दर्शकों का फार्म में प्रवेश जैव सुरक्षा मानकों को सुनिश्‍चित करते हुए आवश्‍यक स्‍थितियों में शेड में प्रवेश दिया जाए। इस सीमा में फार्म में प्रवेश करने के लिए पैर धुलना शामिल है और तब शेड के स्‍तर से, प्रत्‍येक दर्शक अपनी पौशाक/टोपी//जूते को बदल सकता है, (यदि आवश्‍यकता हो तो नीति के अनुसार शावर के माध्‍यम से जाए) और स्‍वच्‍छ और असंक्रमित कपड़े/टोपी और जूते पहने। 

ङ) फार्म श्रमिकों पर प्रतिबन्‍ध:

  • प्रारम्‍भ में फार्म श्रमिकों को जैव सुरक्षा के प्राथमिक सिद्धांतों के संबंध में प्रशिक्षण देना।
  • फार्म में पक्षियों को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन के आधार पर केवल कर्मचारियों को अनुमति दी जाए।
  • यह सुनिश्‍चित करें कि कर्मचारियों का वाणिज्‍यिक या निजी पक्षी परिचालन नहीं है जिससे फार्म में रखे गए पक्षियों में रोगों का संक्रमण न हो।
  • फार्म श्रमिकों को अन्‍य कुक्‍कुट फार्म या स्‍थानों पर जाने की अनुमति न दी जाए जहॉं पक्षियॉं रखें गए हों। इसी प्रकार, फार्म श्रमिकों को पक्षी प्रदर्शनी या पक्षी मेलों में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 
  • एक कुक्‍कुट प्रजाति के पालन में संलग्‍न श्रमिकों को दूसरे फार्म में जहॉं भिन्‍न कुक्‍कुट प्रजाति का पालन किया जा रहा हो का दौरा करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
  • जैव सुरक्षा के सभी मानकों के बाद फार्म में सभी फार्म श्रमिकों को अनुमति देनी चाहिए जैसा कि सभी दर्शकों के लिए उल्‍लेख किया गया है।
  • सभी फार्म श्रमिकों को अपना काम समाप्‍त करने के बाद अपने कपड़े और जूते उतार देने चाहिए और स्‍नान करना चाहिए।
  • सभी श्रमिकों को फार्म परिचालनों के दौरान स्‍वच्‍छ और असंक्रमित कपड़े पहनने चाहिए।
  • दिन में फार्म के तलछट परिचालनों के लिए पर्याप्‍त संसर्ग समय तक हाथ को डिटर्जेंट या साबुन से धुलने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए।

च) फार्म में संक्रमण के वाहकों का प्रतिबन्‍ध:

   संक्रमण के कुछ मैकेनिकल वाहकों का फार्म भवन में प्रवेश निषेध किया जाना चाहिए।

  • पहले से संक्रमित कुक्‍कुट आवासों में साफ करने के कम-से-कम तीन सप्‍ताह के बाद नए पक्षियों को प्रवेश नहीं देना चाहिए।
  • जंगली पक्षियॉं- पालतु मुर्गा या प्रवासी पक्षियों को झुण्‍ड के साथ परदे या जाल के माध्‍यम से सम्‍पर्क नहीं होना चाहिए।
  • पक्षी परावर्तन/सौर फेंसिंग पर विचार किया जाना चाहिए।
  • निश्‍चित रोगजनकों के स्‍थानांतरण में विभिन्‍न प्रजातियों की मक्‍खियॉं महत्‍वपूर्ण हैं इसलिए कीड़ा नियंत्रण कार्यक्रम कराना चाहिए।
  • संक्रमण के स्‍थानांतरण में रोडेंट्स महत्‍वपूर्ण है। इसलिए उनके गति को आवासों के एकल अहाता के बीच में नियंत्रित करना और रोकना चाहिए।
  • स्‍थिर जल के संचयन को रोकने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए। इस प्रकार के जल निकाय प्रवासी जलपक्षी और समुद्री पक्षियों के लिए जल स्‍त्रोत के रूप में कार्य कर सकता है। 
  • जंगली और मुक्‍त उड़ान पक्षियों के लिए खाद्य के सीमित संसाधन।

छ) बहु-प्रजातियों का पालन और चेतावनी:

बहु-प्रजातियेां के रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश को बाद में व्‍याख्‍या की जाएगी। तथापि, निम्‍नलिखित सामान्‍य नियमों को दिमाग में रखा जाना चाहिए।

  • कुक्‍कुट यूनिटें दूरी पर स्‍थित होनी चाहिए या एक-दूसरे से अच्‍छी तरह विभाजित होने चाहिए।
  • प्रत्‍येक प्रजातियों के लिए अलग हैचरी पर विचार किया जाना चाहिए।
  • विभिन्‍न प्रजातियों के यूनिटों में अलग खाद्य भण्‍डारण सुविधा के प्रबंध पर भी विचार किया जाना चाहिए।
  • पक्षियों के विभिन्‍न प्रजातियों हेतु उपकरण अलग होने चाहिए।
  • प्रत्‍येक प्रजातियों के यूनिटों में प्रवेश के लिए असंक्रमित सभी प्रकार के स्‍प्रे का प्रावधान होना चाहिए।

V) नई पक्षियों का अलगाव और संगरोध:

अलग स्‍थान और दीवार पर नई पक्षियों का अलगाव और संगरोध आवश्‍यक है ताकि संक्रमित एजेंट जो वहॉं नई पक्षियों में हो इन पक्षियों के अन्‍य पक्षी झुण्‍डों में प्रवेश से पहले पता लगाया जा सके।

  • यदि पक्षियों को प्रदर्शनी या मेले में उपयोग किया गया हो तो इन पक्षियों को शेष पक्षी झुण्‍डों से 21 दिनों तक अलग रखने के बाद रोग के लक्षणों को देखा जाए।
  • पुराने स्‍टॉक से नई पक्षियों को कम-से-कम इक्‍कीस दिनों तक अलग रखना चाहिए और उनमें किसी रोग के विकसित होने के लक्षण पर ध्‍यान देना चाहिए पहले से मौजूद पुराने स्‍टॉक में मिलने से पहले जॉंच के लिए नमूने (खून, मल, फाह) एकत्रित करना चाहिए।
  • यह सुनिश्‍चित किया जाना चाहिए कि पक्षियों के एक-समान आयु समूह के शेड आवास होने चाहिए, यदि फार्म में विभिन्‍न आयु समूह के पक्षी हों। 
  • पुन: भण्‍डारण से पहले कीट अशुद्धि जॉंच होनी चाहिए।

iv) सफाई और स्वच्छता:

  • प्रभावी स्‍वच्‍छता और असंक्रमण अच्‍छी सफाई के आवश्‍यक घटक हैं और इस प्रकार रोग नियंत्रण के लिए मुख्‍य जैव-सुरक्षा मानकों में से एक है। इसे समय-समय पर कम करने के लिए किया जाना चाहिए, रोगजनक जीवों और असंक्रमित के रूप में जाने जाने वाले पैथोजन्‍स का प्रयोग इस प्रकार के विषाणुओं को रोकने के लिए नियमित आधार पर किया जाना चाहिए। इसे पदार्थों के असंक्रमित होने के लिए घोषित करना चाहिए। 
  • अनुमोदित असंक्रमित जैसे क्‍लोरीन डाई ऑक्‍साइड और पैरासिटिक एसिड का असंक्रमण और स्‍टेरीलाइजेशन के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • फार्म के उपकरणों का प्रवेश, फार्म के व्‍यक्‍तियों की सफाई, मृत पक्षियों को फेंकना और कुक्‍कुट मैन्‍योर और पेय जल की सफाई पर ध्‍यान देना चाहिए।
  • कुक्‍कुट शेड के आस-पास के क्षेत्र को सब्‍जी उगाने, खाद्य अपशिष्‍ट, प्‍लास्‍टिक के बोतल, शीशे के बोतल, टीन या ड्रम से स्‍वच्‍छ रखना चाहिए।
  • जल परीक्षण नियमित अन्‍तराल के बाद किया जाना चाहिए। जल शुद्धि यन्‍त्र प्रत्‍येक शेड में आवश्‍यक है।
  • हवा को शुद्ध करने वाला यन्‍त्र सभी शेडों में आवश्‍यक है।
  • माइक्रो बायल भार की जॉंच-विभिन्‍न स्‍थानों पर आवश्‍यक है।

क) फार्म उपकरणों की सफाई और किटाणुरहित करना:

  • केज क्षेत्र में उपयोग किए गए खाद्य पात्रों और पेय उपकरणों की दैनिक सफाई करनी चाहिए।
  • स्‍क्रब करना चाहिए और प्रभावी कीटाणुशोधित के साथ गर्म जल का उपयोग करना चाहिए।
  • दूसरे स्‍थानों पर ले जाने से पहले कुक्‍कुट, लॉन, बगीचा और कुक्‍कुट उपकरणों का सम्‍पर्क रहा हो, इन्‍हें धुला दिया गया हो और किटाणुरहित कर दिया गया हो यह सुनिश्‍चित करना है। जब कुछ उपकरण फार्म में लाए जाते हैं तो उपरोक्‍त प्रक्रिया का अनुकरण किया जाता है।
  • केज को स्‍वच्‍छ रखने से संचयन से, पैथोजन से और स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचाता है। केजों को नियमित अन्‍तराल पर किटाणुरहित किया जाना चाहिए। उन्‍हें सूर्य में छोड़ देना चाहिए और तब किटाणुरहित करना चाहिए। किन्‍तु केजों को किटाणुरहित करने से पहले मैन्‍योर को हटाना आवश्‍यक है। यदि मदों पर मैन्‍योर रहेगा तो किटाणुनाशक काम नहीं करेगा।
  • नये खरीदे गये उपकरणों को पूर्णता: साबुन के पानी से धोना चाहिए अथवा उपयोग करने से पहले किटाणुरहित बनाना चाहिए।
  • नये खरीदे गए केजों को साबुन के पानी से धोना चाहिए अथवा किटाणुरहित बनाना चाहिए।
  • कुक्‍कुट उपकरणों जैसे अण्‍डा क्रेट्स, केज, फावड़ियों और रेक को परिवार या पड़ोसी फार्मों में शेयर नहीं करना चाहिए। लकड़ी के सामान की तुलना में प्‍लास्‍टिक या मेटल के उपकरण को महत्‍व देना चाहिए।
  • आहार और पानी प्रतिदिन बदलना चाहिए।  

ख) कुक्‍कुट आवासों की सफाई और किटाणुरहित करना:

आवास की सफाई करना जैव सुरक्षा का सबसे महत्‍वपूर्ण चरण है और इसे दो प्रकार से विभाजित किया जा सकता है।

  1. पूर्ण या अंतिम आवास की सफाई: इसे पक्षी झुण्‍डों को हटाने के बाद किया जाता है और निम्‍नलिखित बिन्‍दुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
  • पक्षी झुण्‍डों को हटाने के बाद, छुटे हुए पंखों को हटाना, गोबर, लेटर इत्‍यादि को हटाना। इसे शेड के पूर्ण और किटाणुरहित करके करना चाहिए। पहले आवास को धूप देना चाहिए और तब इसे प्रभावी ढंग से किटाणुरहित करना चाहिए। नए पक्षी झुण्‍डों के आने से पहले शेड को कम-से-कम दस दिन की अवधि के लिए खाली रखना चाहिए।
  • नये पक्षी झुण्‍डों के आने से पहले यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि कूड़े में अधिक नमी तो नहीं है अन्‍यथा फफूंदी बढ़ने का अधिक अवसर होता है।

ll. आंशिक/अनुवर्ती आवास सफाई: इस प्रकार की सफाई तब की जाती है जब पक्षियॉ आवास के अन्‍दर रहते हैं निम्‍नलिखित विचारों सहित किया जाता है

  • पंखों को पूरी तरह से साफ करना और यह नियमित लक्षण होना चाहिए।
  • आवास में ऊपर से नीचे तक झाड़ू लगाना।
  • केक्‍ड कुड़े को आवास से फेंकना।
  • आवास को कूड़ा रहित करना।
  • नियमित रूप से ब्रूडर गार्ड, फीडर, जग, पेयजल पात्र को ऑयडोफोर्स और 5% सोडियम हाई-क्‍लोराइड का उपयोग करके किटाणुरहित करना चाहिए। अन्‍य प्रभावी रसायन जैसे सोडियम, डोडिसिल, सल्‍फेट, फॉर्मेलिन और आयोडीन घटकों का भी उपयोग किया जा सकता है।
  • नियमित रूप से पेयजल को स्‍वच्‍छ करना।
  • मिलाए गए किटाणुशोधक की मात्रा प्रत्‍येक शेड/हैचरी के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। 

V) कर्मियों की स्वच्छता:

  • कर्मचारियों को विशेष प्रकार के सभी वस्‍त्र देना चाहिए।
  • फार्म एरिया में प्रवेश करने से पहले और बाद में पूरा हाथ धोना। मिलने के दस मिनट से हाथ को साबुन या डिटर्जेंट से धोना।
  • फार्म में पक्षियों के साथ काम करते समय स्‍वच्‍छ कपड़े पहनना या ढकना। कपड़े लॉंड्री डिटर्जेंट से धुलने योग्‍य होने चाहिए। इस उद्देश्‍य के लिए डिटर्जेंट या ऑक्‍सीडाइजिंग एजेंट (2-3% उपलब्‍ध क्‍लोरीन के लिए सोडियम हाइपोक्‍लोराइड मिश्रण अथवा दस मिनट मिलने के समय पर 2% विरकॉन देना) और अल्‍काली (10-30 मिनट के मिलने पर सोडियम हाइड्रोक्‍साइड का 2% विलयन या सोडियम कार्बोनेट एनहाइड्रस का 4% सांद्रण) का उपयोग किया जा सकता है। गंदे कपड़े को डिटर्जेंट से धोना चाहिए और इसे धूप में सूखने के लिए टॉंग देना चाहिए।
  • चूँकि कुक्‍कुट में रोग जूते के माध्‍यम से आसानी से संक्रमित हो सकते हैं इसलिए जूतों का उपयोग सफाई और किटाणुरहित करने के बाद करना चाहिए। पक्षियों के साथ काम करने के बाद या पहले जूतों को अच्‍छी तरह से किटाणुरहित करना या पक्षियों के निकट कार्य करने के लिए एक अलग जोड़ी जूता रखना और कुक्‍कुट आहातों को छोड़ते समय दूसरा जूता बदलना। 
  • जब देखभाल करने वाला कर्मचारी चूजे या अन्‍य कुक्‍कुट (जैसे अण्‍डा एकत्रित करना, आहार या पानी देना, बिस्‍तर बदलना या चाहरदीवारी सामग्री की मरम्‍मत करना) में जाता है तो कपड़े/जूते बदलने की आवश्‍यकता होती है।
  • पशुधन और आहार के सम्‍पर्क में आने वाले सभी श्रमिकों की चिकित्‍सकीय जॉंच की जानी चाहिए।

vi) पोल्ट्री खाद का स्वच्छतापूर्ण निपटान

  • कुक्‍कुट खाद्य और अन्‍य कुक्‍कुट उप-उत्‍पादों जैसे पंखों का कृषि और जलकृषि में खाद के रूप में और सुअर के लिए खाद्य के रूप में और मछली संक्रमण के साधन के रूप में कार्य कर सकती है क्‍योंकि कई सप्‍ताह तक फेसिज जैसे कार्बनिक पदार्थ के अन्‍दर विषाणु सक्रिय रहते हैं। 
  • कुक्‍कुट खाद को कम-से-कम तीस दिनों तक बिना छेड़-छाड़ किए छोड़ देना चाहिए और तब खाद के रूप में उपयोग की जा सकती है। उच्‍च खतरे वाली कृषि अभ्‍यास जैसे दूषित जल का उपयोग और बिना उपचार के कुक्‍कुट का पुर्नचक्रीकरण को रोक देना चाहिए।
  • खाद के कुक्‍कुट प्रसंस्‍करण से उत्‍पादित गंदा पानी को फेंक दिया जाता है एसिड जैसे हाइपोक्‍लोरिक एसिड 2% या सिट्रिक एसिड 0.2% या सॉड जैसे अल्‍काली उपचार सहित   

    vii)  मृत पक्षियों का निपटान:

मृत पक्षियों को यह सुनिश्‍चित करने के लिए अन्‍य पक्षियों से सम्‍पर्क न हो तेजी से और उचित ढ़ग से हटाना चाहिए जो संक्रमित फॉसी के साधन को हटाने में कुक्‍कुट और हैंडलर्स की मदद करेगा। मृत पक्षियों को हटाने का सबसे अच्‍छा तरीका उन्‍हें जलाना अथवा भस्‍मीकरण है।

    viii)  खाद्य चारा सुरक्षा:

  • वित्‍तीय और वास्‍तविक विचारों के संबंध में पाश्‍चुरीकरण को प्राप्‍त करने के लिए खाद्य की गोली बनानी चाहिए। इन्‍टेरिक जीवाणु को समाप्‍त करने के लिए इसे 82 डिग्री सेन्‍टीग्रेड की आवश्‍यकता लगभग 3 सेकण्‍ड के लिए होती है। निर्माण की अच्‍छी प्रक्रियाओं को बनाए रखना और गोली प्रक्रिया का ध्‍यानपूर्वक नियंत्रण संक्रमण की संभाव्‍यता को कम करेगा।
  • प्रवरण, आवेदन और कीटनाशक और कृन्‍तकनाशी के नियंत्रण में या तो आहार संयंत्रकर्मी को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए या लाइसेंस प्राप्‍त आवेदक को उपयोग करना चाहिए। यह आकस्‍मिक आहार के दूषित होने या नियमों के उल्लंघन की संभावना को कम करता है।

ix) विश्राम की अवधि या एक समान आयु समूह का पालन:

एक रोकने का उपाय जिसे फार्म में लगाया जा सकता है किन्‍तु इसे अच्‍छे नियोजन और अनेक संलग्‍नकों की आवश्‍यकता है जो सभी अभ्‍यास करने की विधि है। यह विधि चूजों के पूर्ण वृद्धि चक्र को जब से पक्षियॉं बाजार में भेजी जाती हैं उनके पुराने दिनों में चूजों के साथ भेजने की अवधि तक 

  • कुक्‍कुट फार्मों में महत्‍वपूर्ण जर्म प्‍लाज्‍मों को बनाये रखते हुए सभी प्रणालियों का अनुकरण करना चाहिए। यह प्रणाली रोगनियंत्रण में विचारणीय लाभ उपलब्‍ध कराती है। इस प्रणाली का उपयोग करते हुए, उचित सफाई प्रभावी ढ़ग से की जा सकती है, एक बैच से दूसरे बैच तक कोई भी संक्रामक एजेंट नहीं है इसे सुनिश्‍चित करने के लिए निर्माण की आवश्‍यक विश्राम अवधि को दोगुना करना। विभिन्‍न आयु के पक्षियों को समान आहाते/शेड में रखने से इस प्रकार के पक्षियों और रिकवर्ड वाहकों से गम्‍भीर रोग होते हैं,  विशेषकर जब विभिन्‍न आयु की पक्षियॉं एक-दूसरे के साथ जुड़ी होती हैं।
  • सफाई और अलग- अलग बैचों के बीच में अंतराल रखना बहुत जरूरी है ।  नये बैच को डालने से पहले कम से कम 10 दिन का अंतराल रखें ।
  • इस दौरान पोल्ट्री घर को प्रभावी कीटाणुनाशक दवाई छिडकें तथा फ्यूमिगेशन करें ।

x) पक्षियों की चिकित्‍सा/टीकाकरण:

पक्षियों को निश्‍चित दवाऍं और आवश्‍यक टीका नियमित रूप से दिया जाना चाहिए, जो उनकी रोग निरोधक क्षमता जैसे विटामिन, मिनिरल और प्रोटीन को बढ़ा सके। इसकी कमी से न केवल उत्‍पादन में क्षति होगी बल्‍कि रोग निरोधक क्षमता के स्‍तर सहित पक्षी झुण्‍ड में संक्रमण के अवसर बढ़ेंगे। गर्म मौसम, पंख हटाने के बाद, डबिंग इत्‍यादि के दौरान दबाव से उबरने के लिए चिकित्‍सा की जानी चाहिए।

xi) झुंड में रूपरेखा:

  • माइकोटॉक्‍सिन या अन्‍य टॉक्‍सिन के लिए आहार का विश्‍लेषण नियमित रूप से जैव सुरक्षा मानकों का एक भाग है।
  • कुक्‍कुट आवासों में साल्‍मोनेला की पर्यावरणीय मॉनीटरिंग नियमित रूप से करनी चाहिए।
  • अलगाव, पहचान और पैथोजनिक कार्बनिकों का एण्‍टी बायोग्राम जैव सुरक्षा मानकों का एक भाग होना चाहिए।
  • दवाब कम करना मानक नियमित जैव सुरक्षा मानकों का एक मानक होना चाहिए। ग्रीष्‍म दबाव को हटाने के लिए पर्यावरणीय तापमान को नियंत्रित करना बहुत महत्‍वपूर्ण है।
  • कुक्‍कुट परिचालन में कार्यरत व्‍यक्‍ति को रोग के बारे में, इसके संक्रमण और बचाब उपायों के संबंध में शिक्षित होना चाहिए।

xii) उच्‍च खतरा/ खतरनाक स्थिति के लिए:

  • संक्रामक रोग के संदेह से स्‍वयं संगरोध-कुक्‍कुट, अण्‍डा, मृतक कारकश, खाद, फार्म मशीनरी का कोई कार्य, और संक्रमित शेड क्षेत्र के अन्‍दर और बाहर/अन्‍य शेड क्षेत्र में किसी भी उपकरण को ले जाने की अनुमति नहीं है।
  • असंक्रमित शेडों के लिए शीघ्र विस्‍तृत जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल को अपनाना।
  • मृत पक्षियों को संक्रामक पदार्थ के रूप में व्‍यवहार करना चाहिए और इन्‍हें फार्म से फेंक देना चाहिए।
  • प्रभावित शेड में विशेष कर्मचारी को सौंपना चाहिए।
  • फार्म कर्मी को फार्म के अंदर हमेशा संरक्षात्‍मक कपड़े, मुखौटा और दस्‍ताने, और गमबूट पहनना चाहिए।
  • फार्म को छोड़ने के लिए कठिन जैव सुरक्षा प्रविधियों का पालन करना।
  • फार्म पहुँच को शीघ्रता से गेट बंद करना।
  • अनावश्‍यक सभी यातायात को समाप्‍त करना-फार्म में किसी भी वाहन को अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। व्‍यक्‍तिगत वाहन को फार्म के बाड़े में बाहर छोड़ देना चाहिए।
  • बाड़े के प्रवेश द्वार पर असंक्रामक उपायों को सख्‍ती से लगाना चाहिए।
  • फार्म में पक्षियों की असामान्य मृत्‍यु और बीमारी के संबंध में मंत्रालय को शीघ्र रिपोर्ट करना चाहिए।
  • xiii)  डॉक्‍यूमेटेशन और रिकॉर्ड रखना (संकेतक सूची):
  • स्‍वच्‍छ और गंदे क्षेत्र सहित यूनिडायरेक्शनल एप्रोच के स्‍पष्‍ट विभाजन सहित सम्‍पूर्ण फार्म का नक्‍शा/परिव्‍यय (एकतरफा रास्‍ता) सड़कें/पहुँचने के बिंदु/स्‍वच्‍छ-गंदा जल विभाजक इत्‍यादि- कार्यालय में स्‍पष्‍ट किया गया आलोचनात्‍मक नियंत्रण बिंदु सहित सभी रंगों के कोड प्रदर्शित होने चाहिए।
  • वैयक्‍तिक रोस्‍टर, शेड वार-प्रवेश/बाहर निकलने का समय, ड्यूटी/नौकरी का चार्ट, शेड की सफाई, पैन को आहार देना/चैनल को पानी देना, केज की सफाई लीटर टर्निंग इत्‍यादि।
  • दर्शक प्रवेश लॉग।
  • वाहन प्रवेश लॉग।
  • आवासों के लिए असंक्रामक स्‍प्रे सूची, पहिया/पैर-डिप चेंज रोस्‍टर।
  • दोनों सामग्रियों के अंदर और बाहर के लिए (चूजे/अण्‍डे सेना इत्‍यादि) आगमन और प्रस्‍थान क्रमश:।
  • आहार/उपकरण आगमन हेतु लॉग और शेड वार आबंटन, हैचरी/उपकरण का असंक्रमित होना।
  • कर्मी के लिए स्‍वास्‍थ्‍य जॉंच और स्‍वच्‍छता जॉंच सूची।
  • वेक्‍टर/रोडेंट नियंत्रण कार्यक्रम और मॉनीटरिंग सूची।
  • मृत पक्षी, हैचरी अवशिष्‍ट का निपटान/खाद्य निपटान का रिकॉर्ड रखना।
  • जल सफाई सूची/जल जॉंच फ्रिक्‍वेंसी।
  • विभिन्‍न क्षेत्रों में माइक्रो बॉयल भार जॉंच बारम्‍बारता-साल्‍मोनेला, कोली और क्‍लोस्‍ट्रिडियम प्रजातियों से मुक्‍त स्‍थिति को सुनिश्‍चित करने के लिए जॉंच सूची।
  • साल्‍मोनेला जॉंच सूची।
  • शेड स्‍वच्‍छता/असंक्रमण/धुप दिखाने की सूची।
  • समान आयु समूह स्‍टॉक इत्‍यादि सहित अलग शेडों को रिकॉर्ड करना।
  • आहार जॉंच सूची।