गोपाल पुरस्कार योजना (यह योजना सभी वर्ग के लिए)

भारतीय नस्ल के गौवंशीय एवं भंैसवंशीय दुधारु पशुओं के पालन को बढावा देने एवं अधिक दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कार योजना संचालित की गई है। योजना को विस्तारित करते हुए प्रदेश में देशी नस्ल के पशुपालन को बढावा देने एवं अधिक दुग्ध उत्पादन प्राप्त करने हेतु वर्ष 2017-18 से गौवंशीय पशुओं के साथ-साथ भंैसवंशीय दुधारु पशुओं को भी सम्मिलित करते हुये ‘‘गोपाल पुरुस्कार योजना‘‘ संचालित की जायेगी। जिससे पशुपालकों को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा एवं भारतीय नस्ल की गायों एवं भंैसों के दुग्ध उत्पादन में एवं दुग्ध उत्पादक पशुओं की सॅंख्या में वृद्धि होगी। 

    योजना सभी वर्ग के पशु पालकों के लिए है जिनके पास भारतीय नस्ल की गाय/भंैस उपलब्ध हो तथा गाय का दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन 4 लीटर या उससे अधिक एवं भंैस का दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन 6 लीटर या उससे अधिक हो। योजना विकास खण्ड स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर संचालित की जाएगी एवं इसमें गाय/भंैस वंशीय पशुओं हेतु विकास खण्ड स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार तथा जिला एवं राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार एवं 07 सांत्वना पुरस्कार सम्मिलित किये गए हैं। 

गौवंशीय एवं भंैसवंशीय दुधारु पशुओं की प्रतियोगिताऐं पृथक-पृथक आयोजित की जाऐंगी एवं विकासखण्ड स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार अलग-अलग होंगे। योजना अंतर्गत विकास खण्ड स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार विवरण निम्नानुसार है-

1. विकास खण्ड स्तरीय पुरस्कार:-

2. जिला स्तरीय पुरस्कार:- 

3. राज्य स्तरीय पुरस्कार:-

चयन प्रक्रियायोजना विकासखण्ड स्तरीय, जिला एवं राज्य स्तर पर संचालित की जाएगी। 
प्रतियोगिता में ऐसी दूध देने वाली भारतीय नस्ल की गायों को पंजीकृत किया जाएगा, जिसका दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन का 4 लीटर या अधिक हो।
संपर्कसंबंधित जिले के निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी/पशु औषधालय के प्रभारी /उपसंचालक पशु चिकित्सा ।