गौ नस्ल निमाड़ी


उत्पत्ति – मध्य प्रदेश का पश्चिम निमाड़ क्षेत्र। गिर और खिलाड़ी नस्लों के संकरण से उत्पत्ति। यह नस्ल भारवाही काम के लिए सबसे अच्छी है, हालांकि गायों में अल्प दुग्ध उत्पादन क्षमता के प्रमाण हैं।
विशेषताएं/विशिष्ट लक्षण –
शरीर – लम्बा, पीठ सीधी।
शरीर का रंग – लाल रंग के साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सफेद रंग के बड़े आकार के धब्बे, कभी-कभी काले या हल्के लाल और सफेद रंग। धब्बों के कारण उन्हें स्थानीय निमाड़ी भाषा में चितकबरी भी कहा जाता है।
सिर – मध्यम लंबा, कुछ उभरा हुआ माथा।
सींग-सिर के बाहरी कोणों से निकलते हुये पीछे की दिशा में जाना, ऊपर और बाहर की तरफ मुड़कर अंत में पीछे की तरफ निकलते हैं।
कान – मध्यम लंबे, चैड़े और सीधे।
थूथन – तांबा या अम्बर रंग का।
गलगम्बल – मध्यम विकसित और लटकती हुई म्यान।
कूबड़ – बैल में अच्छी तरह से विकसित और कई बार लटकता हुआ।
पूँछ – सीधी, लंबी और पतली, काले बालों के गुच्छे जमीन पर लगती हुई ।
खुर – सशक्त और पत्थर के मैदान पर मजबूती से खड़े हो सकते हैं।
थन- अच्छी तरह से विकसित।
दुग्ध उत्पादन क्षमताः
औसत दैनिक दूध उत्पादन 2.50 लीटर प्रतिदिन और दुग्ध 804 लीटर प्रति ब्यात।