भारतीय जमुनापारी बकरी


उत्पत्ति – उत्तर प्रदेष के इटावा जिला और पहाड़ी क्षेत्रों जमुना, गंगा और चंबल क्षेत्रों में पायी जाती है। द्विकाजी नस्ल।
विशेषताएं/विशिष्ट लक्षण
शरीर- बड़े आकार का। लम्बे बाल। पिछली टाँगों पर लम्बे घने बाल होना इस नस्ल की विषेषता है।
शरीर का रंग – रंग में बहुत भिन्नता है। लेकिन वे आम तौर पर सफेद या हल्के पीले रंग के होते हैं, जो हल्के गहरे भूरे रंग के धब्बे के साथ गर्दन और चेहरे पर होते हैं, और कभी-कभी शरीर में गहरे या काले रंग के धब्बे पाए जाते हैं। बड़े आकार की बकरियां।
कान – 30 सेंटीमीटर तक मुडे हुये सपाट और लटकते हुये और उभरे रोमन नाक (लंबे, उत्तल नाक की रेखा जिसे रोमन नाक या तोता मुंह उपस्थिति के रूप में जाना जाता है)।
पैर – बडे और लंबे।
औसत वयस्क शरीर भार – बकरे का 65 – 86 किलोग्राम और बकरी का 45-61 किलोग्राम।
बकरे में दाढ़ी होती है।
सींग – छोटे, चपटे और पीछे घुमावदार।
थन – बड़े शंकुधारी टीट्स के साथ अच्छी तरह विकसित और गोल आकार।
प्रसव समय – आम तौर पर वर्ष में एक बार ब्याती है, 57 प्रतिषत में एकल बच्चे जन्म देती है, जबकि 43 प्रतिषत मामलों में जुड़वा बच्चों का जन्म होता है।
दुग्ध उत्पादन क्षमता – औसत प्रतिदिन की मात्रा 1.5 से 2.0 किलोग्राम जिसमें औसत दूध उत्पादन प्रति ब्यात 200 कि.ग्रा।