दुग्ध सेवन के फायदे और नुकसान

दूध को एक आदर्श भोजन माना गया है। इसका उच्च पोषण मान है और यह शरीर के  निर्माण के लिए आवश्यक प्रोटीन, हड्डियों को मजबूत बनाने वाले खनिज और स्वास्थ्य देने वाले विटामिन, लैक्टोज और उच्च श्रेणी की वसा और ऊर्जा प्रदान करता है। आवश्यक फैटी एसिड की आपूर्ति के अलावा इसमें आसानी से पचने और आत्मसात हो जाने योग्य पोषक तत्व होते हैं। ये सभी गुण गर्भवती माताओं, बढ़ते बच्चों, किशोरों, वयस्कों, और मरीजों के लिए दूध को एक महत्वपूर्ण भोजन बनाते हैं। बच्चों को दूध का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि यह हड्डियों के निर्माण के लिए आवश्यक है।

प्रति मनुष्य प्रति दिन दूध की आवश्यकता –

उम्रदूध (मी ली )अतिरिक्त डेयरी उत्पाद (ग्राम)
1-5100100
5-10150125
11-18200-250250
19-50200150 gm दही +30 gm पनीर
50+200-230150 gm दही +30 gm पनीर

तथ्य-

1. भारत दुनिया भर में दूध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।

2. विश्व का 20% दुग्ध उत्पादन भारत से होता है।

3. वर्ष 18-19 में दूध उत्पादन 6.65% की वृद्धि दर के साथ 187.749 मिलियन टन है।

4. भारत में दूध की प्रति मनुष्य उपलब्धता 394 ग्राम / दिन है।

5. हाल के वर्षों में इसकी खपत कम हो गई है क्योंकि लोग पूर्ण फैट वाले दूध की बनिस्पत फैट मुक्त दूध अधिक पसंद कर कर रहे हैं।

6. वसा प्रतिशत = स्किम दूध (0.2 ग्राम) <सेमी स्किम दूध (1.7 ग्राम) <स्किम दूध (0.2 ग्राम)।

7. अंडे के तुलना में इसका उच्चतम जैविक मान है।

9. दूध से प्राप्त ऊर्जा मान दूध की संरचना और प्रकार के अनुरूप भिन्न होता है। औसतन, गाय का दूध 75 C / 100ग्राम  और भैंस का दूध 100C / 100ग्राम प्रदान करता है।

दूध और दूध उत्पादों के पोषक मान (प्रति ….. ग्राम )

उत्पाद कार्बोहाइड्रेटप्रोटीनफैटकोलेस्ट्रॉल
दूध53.43.95
पनीर1.218.320.866
खोआ22.9202420.4
घी0.700.499164.7
दही  33.545
श्रीखंड 466.26.210

दूध पीने के फायदे-

  • यह एक लगभग सम्पूर्ण एवं आदर्श भोजन है
  • पाचनशक्ति में सुधार करता है⎫
  • इम्युनोग्लोबुलिन से युक्त होने के कारण प्रतिरक्षा बढ़ाता है 
  • हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है
  • विटामिन  बी जो ऊर्जा चयापचय प्रतिक्रियाओं में शामिल है, की उपस्थिति के कारण चिंता तनाव और थकान से आराम देता है 
  • वसा रहित दूध पर आधारित भोजन प्लान वजन कम करने मे मदद करता है
  • स्किम दूध के सेवन से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है
  • त्वचा एवं बालों के स्वास्थ्य को बेहतर करता है 
  • हार्मोनल संतुलन बनाए रखने मे मदद करता है
  • कैंसर की संभावना को कम करता है।
  • दूध मे पाया जाने वाली उच्च कैल्शियम की मात्र के कारण ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डी से संबंधित बीमारी को रोकता है 
  • दूध कैसिइन प्रोटीन प्रचुर मात्र मे पाया जाता है जो शरीर के विकास को बढ़ाता करता है⎫
  • दूध में विटामिन की मात्रा अधिक होती है⎫
  • शरीर के ग्लूकोज स्तर को नहीं बढ़ाता है⎫
  • विटामिन ए और ज़िंक की उपलब्धता के कारण अच्छी दृष्टि को बढ़ावा देता है
  • दूध में ग्लूटाथियोन और लगभग 6% ज़िंक पाया जाता है जिसके कारण यह मस्तिष्क को लाभ पहुंचाता है और स्मृति को बढ़ावा देता और ऑक्सीडेटिव तनाव को दूर करने में और मस्तिष्क को पुनर्जीवित करने में सहायता करता है।
  • कैल्शियम की मात्र में समृद्धि के कारण मासिक धर्म पूर्व सिंड्रोम को कम करने में मदद करता है
  • बॉडी बिल्डिंग में व्हेय मदद करता है⎫
  • स्किम्ड दही का सेवन मोतियाबिंद के कम जोखिम को कम करता है
  • कैल्शियम, विटामिन डी और लैक्टोफेरिन में एंटीकार्सिनोजेनिक प्रभाव दिखाई देता है⎫
  • गर्म दूध में पाये जाने वाले ट्रिप्टोफैन के कारण बेहतर नींद आने मे और शरीर को आराम करने के लिए प्रेरित करने में मदद करता है।
  • शाकाहारी लोग दूध, दही, आइसक्रीम, पनीर का सेवन कर सकते हैं।

दूध पीने के नुकसान-

  • हर चीज का अत्यधिक उपभोग खतरनाक है I  दूध को भी इस तथ्य से बाहर नहीं रखा गया है।
  • फुल क्रीम दूध और पनीर का अधिक सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है, जो धमनी, हृदय रोगों में रक्त संचालन में रुकावट का कारण बनता है।
  • यदि हम किसी ऐसे जानवर के दूध का उपयोग कर रहे हैं जिसमे लंबे समय से एंटिबयोटिक्स से इलाज चल रहा हो तो यह शरीर में एंटीबॉडी प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है।⎫
  • दूध मे उपस्थित लेक्टोस कभी-कभी एलर्जी पैदा करता है जिसे  लैक्टोज असहिष्णुता कहते हैं। यह उन लोगों में होती है जिनमें एंजाइम बीटा गैलेक्टोनिडेस की कमी होती है
  • जिन डेयरी उत्पाद में ग्रोथ हार्मोन पाया जाता है उनकी खपत से  चेहरे के रोमकूप बंद हो जाते हैं जो की मुँहासे के रूप में दिखाई देता है।⎫
  • गाय के दूध (3 ग्लास / दिन) से ज्यादा के उपयोग से अत्यधिक डी गैलेक्टोज की उपस्थिति के कारण हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है और ऑक्सीडेटिव तनाव द्वारा होने वाली क्षति और पुरानी सूजन को प्रकट होने के लिए प्रेरित करता है। 
  • दूध में आयरन की कमी होती है जिससे सिर्फ दूध पर आधारित आहार लेने के कारण व्यक्ति में एनीमिया होता सकता है।
  • कुछ शोध बताते हैं की दूध में मौजूद गैलेक्टोज के अत्यधिक सेवन से  लेंस की अस्पष्टता होती है और इस प्रकार कई लोगों में मोतियाबिंद होने की संभावना बढ़ जाती है
  • कच्चे दूध का सेवन जिसमें हानिकारक रोगजनक किटाणु हो सकते हैं, पाश्चुरीकृत दूध की तुलना में रोग के प्रकोप का खतरा (150 गुना) बढ़ा देता है।
  • दूध मे की जाने वाली मिलावट हानिकारक प्रभावों का कारण बनती है।
  • अत्यधिक दुग्ध उपभोग से आनुवांशिक रूप से मधुमेह के लिए संवेदनशील लोगों के लिए मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि टाइप 1 मधुमेह के कारण ए 1 बीटा कैसिइन को जिम्मेदार माना गया है।
  • दुग्ध उद्योग को बड़े भूमि क्षेत्र और भारी मात्रा में श्रमिक बिजली और सफाई की आवश्यकता होती है।
  • डेयरी उत्पाद के पोस्ट प्रोसेसिंग अपव्यय जल निकायों के प्रदूषण का कारण बनता है।
  • चीज़ (Cheese) का मस्तिष्क पर मजबूत ओपिओइड प्रभाव है जो इसके स्वाद को व्यसंकरी बनाता है इसकी की लत बन जाती है।


निष्कर्ष  

स्किम दूध का सेवन अत्यधिक फायदेमंद है।  मोटापा और वजन बढ़ने से रोकने के लिए पूर्ण वसा वाले दूध के ऊपर अब लोग स्किम मिल्क को प्राथमिकता  देने लगे हैं।  लोग अपनी आवश्यकताओं के आधार पर दूध का सेवन अनुशंसित आधार पर नहीं करते हैं जिससे यह मोटापे का कारण बन सकता है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं वैसे ही डेयरी उत्पाद के साथ भी है I इसलिए निर्धारित सीमा के भीतर डेयरी उत्पाद का सेवन करना और इसके अत्यधिक सेवन से बचना स्वास्थ्य के लिए उत्तम होगा।