पशुओ के शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स असंतुलन के लक्षण


पशुओ के शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर कौन.कौन.सी बीमारियां होने की संभावना रहती है ।आपने कभी इस बारे में सोचा कि क्यों डिहाइड्रेशन की वजह से पशुओ का शरीर सूजा हुआ या फूला हुआ दिखता हैघ् जब पशुओ के शरीर में पानी की कमी महसूस होती है तो वह शरीर के तरल पदार्थ के स्तर को बनाए रखने की कोशिश करता है। दूसरे शब्दों मेंए यह होमिओस्टैसिस ;ीवउमवेजंेपेद्ध प्रक्रिया है जिसके माध्यम से आपका शरीर बाहरी वातावरण में बदलाव के बावजूद आपके शरीर के आंतरिक वातावरण को व्यवस्थित रखने की कोशिश करता है। जब आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती हैए तो आपका शरीर एंटीडिअरीटिक हार्मोन ;ंदजपकपनतमजपब ीवतउवदमद्धए वैसोप्रेसिन ;अंेवचतमेेपदद्ध का निर्माण करता है जो आपकी किडनी को पानी बचाने के संकेत देता है। यह वह तरल है जो पेशाब के माध्यम से शरीर के बाहर निकल जाता है। इस तरहए आपके शरीर में पानी की भयंकर कमी नहीं होने पाती।

होमिओस्टैसिस ग्रीक भाषा का एक शब्द हैए जो ष्होमोष् और ष्स्टैटिसष् से बना है। ष्होमोष् का अर्थ है ष्इसी तरहष् और ष्स्टैटिसष् यानि ष्स्थायी स्थिरष् क्रमशः और जैसा कि आप समझ सकते हैंए यह पशुओ के अस्तित्व के लिए यह महत्वपूर्ण है। लेकिन होमिओस्टैसिस के काम करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि पशुओ के शरीर में एक अच्छा इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन रहे। कैल्शियमए पोटैशियमए मैग्नीशियमए फॉस्फेट और सोडियम जैसे मिनरल या खनिजों को इलेक्ट्रोलाइट्स कहा जाता है। इन खनिजों में बिजली का संचार होता है जो सोचने और देखने जैसी शारीरिक गतिविधियों के लिए आवश्यक बिजली के आवेगों को उत्पन्न करने में मदद करते हैं।


पशुओ में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन क्या है


पशुओ में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलन ;मसमबजतवसलजम पउइंसंदबमद्ध के कई कारण हो सकते हैं। डायरिया से लेकर कोई जानलेवा बीमारी भी इसकी वजह हो सकती है। इन दोनों के अलावाए कुछ सामान्य कारणों में डिहाइड्रेशनए एक्सरसाइजए विटामिन डी की कमीए सर्जरीए सिरोसिस या हार्ट फेलियर जैसे कारण भी इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन की वजह बन सकते हैं। अज्ञात या इडियोपैथिक कारणों से इलेक्ट्रोलाइट्स का गंभीर नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान भी यह समस्या काफी सामान्य है।


पशुओ में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन के लक्षण क्या हैं


यदि यह संवेदनशील संतुलन गड़बड़ा जाएए तो शरीर ख़राब हो जाता है और कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसकी वजह से मांसपेशियों में ऐंठनए पेट की समस्याएंए चिंताए ब्लड प्रेशर में बदलावए हृदय की धड़कन बदलने और चक्कर जैसी तकलीफें होने लगती हैं।


पशुओ में सोडियम का असंतुलन
हाइपोनाइट्रेमिया ;ीलचवदंजतमउपंद्ध वह स्थिति हैए जहां शरीर में सोडियम की बहुत अधिक कमी हो जाती है। बहुत ज्यादा सोडियम की वजह से डिप्रेशनए चिड़चिड़ापनए न्यूरोलॉजिकल समस्याएंए मांसपेशियों में ऐंठनए मतलीए उल्टीए सही तरीके से सांस लेने में तकलीफए बहुत ज़्यादा प्यास लगना और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कम सोडियम के चलते मतलीए उल्टीए भूख न लगना और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती है। पशुओ को सोडियम की कमी के कारण चलने में तकलीफ और उन्हें अक्सर गिर जाने जैसी समस्याएं हो सकती है। अक्यूट हाइपोनाइट्रेमिया ;।बनजम ीलचवदंजतमउपंद्ध भी मस्तिष्क में पानी के संग्रहण के कारण न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकता है।
पशुओ में पोटैशियम का असंतुलन
जब रक्त में पोटैशियम की मात्रा बढ़ जाती हैए तो यह पशुओ के लिए जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है जैसे कि धड़कन की गति बिगड़नाए न्यूरोलॉजिकल डिस्फंक्शन और हार्ट फेलियर। यह हृदय की मांसपेशियों का संकुचन बंद कर देता हैए जिसकी वजह से पशुओ की अचानक मृत्यु हो सकती है।
पशुओ में कैल्शियम का असंतुलनरू
पशुओ के शरीर में कैल्शियम की कमीए विटामिन डी के कम सेवन के कारण हो सकती है। इसके लक्षण मांसपेशियों की कमज़ोरीए ऐंठनए थकानए आदि हो सकते हैं। कैल्शियम के अंसतुलन की वजह से त्वचा का रूखापनए मोटे बालए एक्जिमाए डर्मटाइटिसए होने जैसी समस्याएं होती हैं। ज्यादा मात्रा में कैल्शियम लेने से किडनी स्टोनए हड्डियों में दर्दए पेट से जुड़ी समस्याएं होती है।