पशुपालन में रोजगार स्थापित किये जाने हेतु आर्थिक सहायता

१. डीलरों को कृषि निविष्टियों के लिए पशु चारामुर्गीदानाडेयरी फीड इत्यादि

कमीशन एजेण्टों/आढ़तियों/ डीलरों को कृषि निविष्टियों के वितरण के लिए योजना के विवरण भाग-I तथा भाग-II में दिये गये हैं ।

भाग-I :

बीजों, उर्वरकों, कीटनाशक दवाओं इत्यादि के वितरण के लिए प्रदत्त स्टॉक की एवज में एजेंटों/डीलरों को उनके कृषि निविष्टियों (स्टॉक) की खरीद तथा खेती के लिए किसानों को सप्लाई बीजों के बही ऋण (बुक वैल्यू) के विरुध्द एजेंटाें/डीलरों को ऋण दिया जा सकता है । उन्हें केवल कृषि निविष्टियों की खरीद के लिए जो इन निविष्टियों (इनपुट्स) के एक्सक्लुसिव डीलर नहीं हैं तथा उन कमीशन एजेंण्टों/आढ़तियों को जो किसानों को इनपुट्स की खरीद के लिए ऋण प्रदान करते हैं, परंतु इनपुट्स के डीलर नहीं हैं तथा व्यष्टि किसानों/स्वयं सहायता समूहों/संयुक्त देयता समूहों से उत्पादन खरीदने के लिए कमीशन एजेंटों/आढ़तियों को वित्तपोषित करना ।

पात्रता : व्यक्तियों/फर्मों/प्राईवेट या पब्लिक लिमिटेड/कारपोरेट निकाय या किसी भी कोऑपरेटिव सोसायटी नियम के अंतर्गत पंजीकृत कोऑपरेटिव सोसायटी जो आढ़तियों/कमीशन एजेण्ट/डीलर के रूप में कार्य करने वाले, क्षेत्र में अच्छी साख रखने वाले, अच्छी वित्तीय स्थिति वाले कृषि इनपुट्स के वितरण में लगे पर्याप्त अनुभव रखने वाले तथा संतोषजनक टर्न-ओवर वाले हैं, ऋण के पात्र हैं ।

सुविधा की किस्म :

(i) नकद ऋण (दृष्टिबंधक)

(ii) नकद ऋण (गिरवी)

(iii )नकद ऋण (बही-ऋण)

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

ऋण की अवधि : चालू फसलों (खरीफ/रबी) के  उत्पाद की मार्केटिंग के साथ ऋण अवधि को संबध्द किया जाएगा। खाते को वर्ष में कम-से-कम एक बार क्रेडिट बैलेंस में लाना चाहिए । खाते को वार्षिक आधार पर समीक्षा की जायेगी ।

भाग-II :

पशु चारा, मुर्गी दाना, डेयरी फीड, मछली दाना इत्यादि के वितरण में लगे डीलरों को उनके प्रदत्त स्टॉक के विरुध्द अधिकतक 40 लाख रुपये

पात्रता : व्यक्तियों/फर्मों/प्राईवेट या पब्लिक लिमिटेड/कारपोरेट निकाय या किसी भी कोऑपरेटिव सोसायटी नियम के अंतर्गत पंजीकृत कोऑपरेटिव सोसायटी जो आढ़तियों/कमीशन एजेण्ट/डीलर के रूप में कार्य करने वाले, क्षेत्र में अच्छी रेपुटेशन रखने वाले, अच्छी वित्तीय स्थिति तथाकृषि इनपुट्स के वितरण में लगे पर्याप्त अनुभव रखने वाले तथा संतोषजनक टर्न-ओवर वाले इसके लिए पात्र हैं ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

२. मुर्गीपालन के लिए वित्तपोषण योजना

मुर्गीपालन के लिए वित्तपोषण योजना के अंतर्गत छज्जों के निर्माण के लिए उपकरणों की खरीद तथा एक दिन के चूज़ों की खरीद, मुर्गीदाना, औषधियों इत्यादि की खरीद के लिए ऋण दिया जाता है । उधारकर्ताओं को निम्नानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी :-

उद्देश्य : सहायक कार्यकलापों के लिए :स्थाई सम्पत्तियों के अधिग्रहण के लिए मध्यावधि मीयादी ऋण के रूप में निवेश ऋण प्रदान किया जायेगा जबकि उत्पादन ऋण, अल्पावधि मीयादी ऋण के रूप में कार्यकारी पूंजी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए दिया जायेगा।

मुख्य कार्यकलापों के लिए :निवेश ऋण ऊपर उल्लिखित अनुसार प्रदान किया जायेगा जबकि उत्पादन ऋण या तो नकद ऋण सीमा के रूप में या निवेश ऋण के घटक के रूप में ।

पात्रता :

सहायक कार्यकलापों के लिए :ऋणी एक छोटा किसान, भूमि रहित कृषि मजदूर या अन्य व्यक्ति होना चाहिए जो अल्परोजगार प्राप्त हो और मुर्गीपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय सृजित करना चाहता हो और जिसके पास शैड निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि हो ।

मुख्य कार्यकलापों के लिए :ऋणी को मुर्गीपालन यूनिट चलाने का अच्छा अनुभव हो और व्यावसायिक आधार पर मुर्गीपालन में व्यस्त हो या मुर्गीपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहता हो, उसके पास पर्याप्त भूमि/शैड हो जहां वह मुर्गीपालन का कार्य करना चाहता है ।

यूनिट का आकार :

सहायक कार्यकलापों के लिए मुर्गी पालन यूनिट के लिए 500 पक्षियों की न्यूनतम साईज होनी चाहिए ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित होगी ।

ऋण की चुकौती : उत्पादन ऋण, यदि अल्पावधि ऋण के रूप में लेयर्स और ब्रायलर्स के मामले में दिया जाता है तो  6/3 महीनों की प्रारम्भिक अवधि सहित 18/12 महीनों में वसूल किया जाना है ।

निवेश ऋण पर्याप्त प्रारम्भिक अवधि (12 महीनों तक लेयर्स के लिए और 3 माह तक ब्रायलर्स के लिए) मासिक/तिमाही/छमाही किश्तों में, छोटे किसानों के मामले में उनकी चुकौती क्षमता पर निर्भर करते हुए,  6-7 वर्षों की अवधि में वसूल किया जाता है ।

३. डेयरी विकास कार्यक्रमों के लिए वित्तपोषण योजना

डेयरी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत निम्नलिखित कार्यों हेतु वित्तपोषण किया जाता है  :

i. दुग्ध उत्पादन के लिए अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं जैसे कि गाय/भैंस या संकर नस्ल की गायों की खरीद के लिए व्यक्तियों को वित्तपोषित करना ।

ii. एक माह तक के बछड़ों के पालन-पोषण के लिए व्यक्तियों को ऋण ।

दूध उत्पादन की प्रथम अवस्था तक के लिए बछियों की खरीद व पालन-पोषण के लिए ऋण|

iii. अन्य पशु पालन के नए कार्य, पशु प्रजनन जैसे दुग्ध उत्पादन की सुविधाएं, दुग्ध गृहों का निर्माण इत्यादि हेतु वित्तपोषण । दुग्ध उत्पादकों के गाय/भैंसों के लिए चारे की व्यवस्था ।

दूध उत्पादन कार्यकलापों के लिए वित्तपोषण अर्थात दूध उत्पादन के लिए दुधारू पशुओं (गाय/भैंसों) की खरीद व रखरखाव

उद्देश्य : बैंक निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए ऋण प्रदान करता है :

· अच्छी नसलों के दुधारू पशुओं गाय/भैंसों की खरीद ।

· पशुओं को रखने के लिए  छज्जों(शेड्स) का निर्माण ।

· डेयरी मशीनरी की खरीद अथवा डेयरी कारोबार के अन्य उपकरणों हेतु वित्तपोषण ।

· पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था ।

· पशुओं को बाजार, हाट व मेलों से खरीदने व लाने/ले जाने हेतु परिवहन की लागत ।

· दुधारू पशुओं के चारे की व्यवस्था स्वरूप एक माह तक चारे की खरीद हेतु वित्तपोषण ।

पात्रता :

  • वे व्यक्ति जो आंशिक/सहायक कार्य के रूप में डेयरी चलाते हैं ।
  • वे व्यक्ति जो व्यावसायिक/मुख्य रूप में डेयरी चलाते हैं ।

ऋण सीमा : आवश्यकता-आधारित ऋण प्रदान किया जाता है । दो दुधारू पशुओं की यूनिट, दुग्ध उत्पादन के लिए व्यवहार्य है ।

ऋण की चुकौती : दुधारू पशुओं की खरीद के लिए देय ऋण को निम्न प्रकार से चुकाया जाएगा :

क.सं.निवेश का प्रकारचुकौती अवधि(प्रारम्भिक अवधि सहित)ऋण किश्त अवधिप्रारम्भिक अवधि
1. संकर नस्ल की गायें 5 वर्ष मासिक/तिमाही चुकौती लेक्टेशन अवधि के साथ समबध्द होगी 
2. भैंसें 4 – 5 वर्ष …..वही….. …..वही….. 
3. 2 ग्रेडेड मुर्रा भैसें  4 – 5 वर्ष …..वही….. …..वही….. 
4. संकर नस्ल के बछड़ा प्रजनन 5 – 6 वर्ष …..वही….. 30 माह 

4. अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं हेतु वित्तपोषण योजना

उद्देश्य : जन्म से चार माह तक के स्वस्थ मादा बछड़ों के पालन हेतु ।

पात्रता :  पशुओं को रखने वाले/प्रगतिशील किसान जो दुग्ध उत्पादन के लिए गाय अथवा पहली बछड़ी के प्रजनन के बाद बिक्री का काम करते हो तथा उनके पास चारा उगाने का पर्याप्त स्थान हो ।

ऋण सीमा : ऋण की राशि उधार्रकत्ता के पास रखे जाने वाले दुधारू पशुओं का पालन करने की संख्या पर निर्भर करेगी ।

ऋण की चुकौती :  पहली बार ब्याहने के बाद यदि मादा बछड़े को दूध उत्पादन की अवस्था तक रखा जाता है तो ऋण तथा ब्याज को अधिकतम 4 वर्षों में वसूल किया जायेगा । प्रथम किश्त प्रथम बार प्रजनन के बाद प्रारम्भ होगी । यदि मादा बछड़े को जन्मते ही बेच दिया जाता है तो मूल तथा ब्याज को  बिक्री के बाद एकमुश्त वसूल किया जायेगा। तदनुसार पहले मामले में अधिकतम चुकौती अवधि   5 – 6 वर्ष होगी जबकि बाद के मामले में  2 वर्ष 6 महीने होगी ।

५. पशुपालन से सम्बध्द अन्य नवीन कार्यकलापों के लिए वित्तपोषण

उद्देश्य : कृत्रिम गर्भाधान द्वारा मवेशियों का प्रजनन, समय के साथ दूध की मात्रा कम हो जाने से गायों को पुन: प्रजनन हेतु खरीदना / बेचना, दूध उत्पादन सुविधाओं के लिए वित्तपोषण, गाँव के दूध को को ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा दूध गृहों का निर्माण, चरागाह खरीद के विकास इत्यादि के लिए वित्तपोषण ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

६. डेयरी विकास कार्ड योजना (चुने हुए राज्यों में लागू)

उद्देश्य : अच्छी नसल के दुधारू पशुओं की खरीद के लिए, पशुओं के रहने के लिए छज्जों के निर्माण, कार्यशील पूंजी मदों की खरीद जैसे कि डेयरी फीड, पशु चिकित्सा औषधियाँ, चारा,  डेयरी उपकरण या अन्य उपकरणों की खरीद ।

पात्रता : भूमि रहित कृषि श्रमिक या किसान / कोई भी व्यक्ति जिसे दुधारू पशुओं को रखने का अनुभव हो  ।

मार्जिन : शून्य

कार्ड का टाईप : पीएनबी डेयरी विकास कार्ड ।

कार्ड की वैधता : 5 वर्ष

ऋण सीमा :  100,000/- रुपये

ऋण सीमा का निर्धारण

(i) उत्पादन ऋण    :    कुल सीमा का 25%

(ii) निवेश ऋण      :    ऋण सीमा का न्यूनतम 75%

ऋण का वितरण : किसान की ज़रूरत के अनुसार ऋण का वितरण विभिन्न चरणों में किया जाएगा । ऋण सुविधा कार्ड जारी करने वाली शाखा से प्राप्त की जाएगीद्न ।

ऋण का पुनर्भुगतान : निवेश ऋण 5 वर्षों में चुकाया जायेगा ।  निवेश ऋण को वार्षिक आधार पर संमिश्र नकद ऋण सीमा को कम करते हुए 5 वर्षों में चुकाया जायेगा । खाते में किश्तें मासिक/तिमाही आधार पर चुकाई जायेंगी ।

७. नई भैंस खरीदना / मौजूदा भैंस को बदलना

उद्देश्य : आवेदकों को नई भैंसों की खरीद मौजूदा भैंसों को बदलकर नई भैंस खरीदने की अनुमति है बशर्ते खाते का संचालन पिछले एक वर्ष में संतोषजनक हो । यह सुविधा तीसरे वर्ष तक दी जाएगी ।

कार्यक्षेत्र : प्रारम्भिक रूप में  यह  योजना पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात तथा महाराष्ट्र में लागू है ।

८. मत्स्य विकास वित्तपोषण हेतु योजना

स्वदेशी मछली विकास तथा खारा पानी मछली तथा झींगा मछली विकास वित्तपोषण हेतु योजना

उद्देश्य : ताल/कुण्डों के निर्माण/नवीकरण के लिए, जलद्वार (स्लूस) निर्माण, झींगा मछली की खरीद, फ्राई एवं फिंगर लिंग्स/फिश सीड/झींगा मछली के बीज, ऑयल केक, फर्टीलाइजर्स, आर्गेनिक उर्वरक तथा अन्य भोज्य सामग्री की खरीद प्रथम हार्वेस्ट तक, जालों, बक्सों तथा बास्केट, रस्सियों, बेलचे, हुक तथा अन्य सहायक चीज़ों इत्यादि के लिए वित्तीय सहायता देना ।

पात्रता : किसानों, व्यक्तियों, सहकारी सोसायटियों, कंपनियों, व्यक्तियों के समूह जिनके पास इस योजना के अंतर्गत पर्याप्त अनुभव भी है और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

ऋण चुकौती : निम्नानुसार निर्धारित अवधि में ऋण की चुकौती की जाएगी :

तालाब मछली कल्चर : प्रारम्भिक अवधि सहित 5 – 8 वर्ष । चुकौती वार्षिक अंतराल पर ।

खारा पानी फिश /  झींगा कल्चर : प्रारम्भिक अवधि सहित 5 – 10 वर्ष । भुगतान छमाही अंतराल पर ।

९. मेरीन मछली पालन  वित्तपोषण योजना

उद्देश्य : मशीनीकृत/गैर मशीनीकृत नावों/गहरे समुद्र में मछली पकड़ने हेतु जलपोत (डीप-सी फिशिंग), ट्रावलर्स, जालों की खरीद – ट्रैवल नैट/पर्स-सियन/ग्रिल नेट, अन्य डैक उपकरणों की खरीद जैसे कि ट्रैवल विंच, वायर रोप, गैलोस, नैट हैण्डलर, नेवीगैशनल लाइट्स, लाईफ जैकेट, पाईप बोट, एकर्स,डायरेक्शन फाइडर्स, फिश फाईर्नड इत्यादि की खरीद, मेरिन इंजन इत्यादि की खरीद हेतु ।

पात्रता : ऋण व्यक्तियों/साझेदार फर्मों, कोऑपरेटिव सोसायटीज, लिमिटेड कंपनियों, जो तकनीकी रूप से सक्षम हैं तथा इस प्रकार के कार्यों का पर्याप्त अनुभव है ।

ऋण सीमा : ऋण की राशि प्रोजैक्ट रिपोर्ट में प्रस्तुत अपेक्षानुसार होगी ।

ऋण की चुकौती :

मध्यम अवधि के ऋण :

गैर-मशीनीकृत नाव/जलपोत     :    6 – 7 वर्ष

मशीनीकृत नाव               :    8 – 12 वर्ष

नकदी ऋण सीमा : कार्यशील पूंजी के लिए नकद ऋण सीमा प्रत्येक वर्ष नवीकृत की जाएगी ।

१०. भेड़-बकरी पालन हेतु वित्तपोषण योजना

उद्देश्य : अच्छी नस्ल की भेड़/बकरी के प्रजनन के लिए खरीद, पालन-पोषण, ऊन, मांस तथा दूध उत्पादन के लिए, भेड़/बकरी के लिए छज्जों का निर्माण, यदि आवश्यक माना जाये तो उपकरणों/उपस्करों की खरीद हेतु तथा उनके लिए चारे हेतु ।

पात्रता : छोटे एवं सीमांत किसान तथा कृषि मजदूर जो भेड़/बकरी पालन को सहायक कार्य के रूप में करने के इच्छुक हैं अथवा अन्य प्रशिक्षित व्यक्ति जो व्यावसायिक स्तर पर इस कार्य को करने के लिए इच्छुक हों, पात्र है।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

ऋण चुकौती : मीयादी ऋण :

कार्यप्रारम्भिक अवधि सहित न्यूनतम तथा अधिकतम चुकौती अवधिभुगतान का तरीका(किश्तें)
भेड़ पालन5 – 6 वर्ष तिमाही/छमाही/वार्षिक
 बकरी पालन5 – 6 वर्षतिमाही/छमाही/वार्षिक

कार्यशील पूँजी : अग्रिम की तारीख से 1.5वर्ष की अवधि में कार्यशील पूंजी की अदायगी की जायेगी । यदि नकद ऋण सीमा दी जाती है तो सुविधाओं का नवीकरण प्रत्येक वर्ष होगा ।

११. सूअर विकास हेतु वित्तपोषण योजना

उद्देश्य : अच्छी नसल के सूअरों के प्रजनन के लिए अथवा सूअरों के पालन पोषण के लिए ।

पात्रता : किसान / कृषीय मजदूर तथा वे व्यक्ति जो सूअर पालन को सहायक कार्यकलाप के रूप में करने के इच्छुक हैं तथा वे जो इस प्रकार के कार्यों को मुख्य व्यवसाय के रूप में करना चाहते हैं ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

ऋण की चुकौती :

उत्पादन ऋण :कार्यशील पूंजी ऋण अग्रिम की तारीख से 18 महीनों की अधिकतम अवधि में चुकाया जाये ।

निवेश ऋण : मध्यम मीयादी ऋण छमाही किश्तों में 5 – 6 वर्षों की अवधि में, प्रारम्भिक तैयारी अवधि को शामिल करते हुए चुकाया जाये ।

१२. गाड़ी एवं भार ढोने वाले पशुओं की खरीद हेतु वित्तपोषण योजना

उद्देश्य : भार ढोने वाले पशुओं, कृषि परिवहन, पशु गाड़ी की खरीद के लिए ऋण दिया जाता है ।

पात्रता : 2 एकड़ भूमि रखने वाले किसान या 2 एकड़ भूमि पर खेती करने का परम्परागत अधिकार रखने वाले किसान ।

”भूमिहीन खेतीहर मज़दूर” की श्रेणी से सम्बध्द व्यक्तियों को भी रोज़गार प्रदान करने के लिए गाड़ी एवं भार ढ़ोने वाले पशुओं की खरीद के लिए वित्तपोषित किया जाता है ।

ऋण सीमा : आवश्यकता आधारित ।

ऋण की चुकौती :

चुकौती अवधि मासिक/तिमाही/छमाही अंतरालों पर निम्नानुसार है :

सृजित सम्पत्तिसृजित सम्पत्ति
केवल बैल 4 वर्ष 
भैंसा तथा झोटा बग्गी 4 – 5 वर्ष 
 केवल ऊँट5 वर्ष 
बैल गाड़ी तथा छकड़ा 5 – 7 वर्ष 
पशु द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी5 – 7 वर्ष 
ऊँट एवं छकड़ा गाड़ी 5 – 7 वर्ष