पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना

पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना भारत सरकार के सम्बंधित मंत्रालय द्वारा नाबार्ड के माध्यम से संचालित की गई एक योजना है । जिसके अंतर्गत मुर्गी व्यवसाय से जुडी हुई विभिन्न प्रक्रियाओं को करने हेतु बैंक लोन पर Back ended सबसिडी दी जाती है| 

इस योजना का  उद्देश्य गैर व्यवसायिक राज्यों में मुर्गी पालन को बढ़ावा एवम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है । हालांकि पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना केंद्र प्रायोजित योजना है । लेकिन यदि राज्य चाहें तो बिना कुछ बदलाव के इस योजना में तय मानको से ऊपर की सबसिडी उद्यमियों को दे सकते हैं । यहाँ पर हमने एक वाक्य Back ended सबसिडी का प्रयोग किया है । जिसका मतलब यह होता है की बैंक आपको 90 % तक का लोन देगा , क्योकि पूरे खर्चे का 10 % उद्यमी को अपनी जेब से लगाना होगा । और बैंक ही इस योजना के अंतर्गत सबसिडी के लिए आगे आवेदन करेगा । जब उद्यमी बैंक से लिए गए लोन की इतनी किस्तें भर देगा की बची हुयी राशि सिर्फ दी जाने वाली सबसिडी राशि के बराबर रह जाय । तो वह राशि अर्थात अंतिम किस्तें दी जाने वाली सबसिडी  से समायोजित कर ली जाएँगी ।

लाभार्थी :

किसान , व्यक्तिगत उद्यमी , गैर सरकारी संगठन , कंपनियां , स्वयं सहायता समूह , सहकारी समितियां , संगठित और असंगठित क्षेत्र के समूह इत्यादि । 

पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना ( PVCF ) के सारे अवयवो में से हर एक अवयव का कोई भी व्यक्ति केवल एक एक बार लाभ प्राप्त कर सकता है । 

इस योजना  के अंतर्गत किसी परिवार से एक से ज्यादा सदस्य आवेदन कर सकते हैं , लेकिन इस स्तिथि में अलग अलग सदस्यों द्वारा अलग अलग आधारिक संचरचना का निर्माण किया जाना आवश्यक है । और दो फार्म्स  के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर अर्थात आधा किलोमीटर होना भी आवश्यक है । फार्म्स  स्थापित करते वक्त बायोसिक्यूरिटी  के मानदंडों का अनुसरण किया जाना भी अति आवश्यक है । ताकि कोई प्राणी इस उद्योग  के माध्यम से बीमार या रोगी न हो ।

पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना के मुख्य अवयव निम्न हैं 

– पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग वाले उद्यमी को 25 % की ओर अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं उत्तर पूर्वी राज्यों सिक्किम से जुड़े उद्यमियों को 33.33 % सबसिडी  का प्रावधान है

स . क्र.अवयबइकाई लागत (रूपये)
1.हाइब्रिड ब्रायलर इकाई (५००० तक ) स्थापित करने के लिए२.२४ लाख १००० ब्रायलर के लिए 
2.हाइब्रिड लेयर इकाई (५००० तक ) स्थापित करने के लिए८ लाख २००० लेयर पक्षी के लिए 
3.खुले केज वाले यातायात  वाहन के लिए ८ लाख
4.रेफ्रिजरेटेड यातायात  वाहन के लिए१५ लाख 
5.रिटेल आउटलेट – ड्रेसिंग इकाई के लिए ६ लाख 
6.रिटेल आउटलेट – बाजार इकाई के लिए६ लाख
7.मोबाइल मार्किट इकाई के लिए ८ लाख
8.अंडा / ब्रायलर कार्ट १० हजार 
९.ब्रीडिंग फार्म (कम निवेश तकनीकि वाले पक्षी) जेसे टर्की , बत्तख , जापानी बटेर आदि ३० लाख 
१०. 16000 पक्षी  तक का लेयर  चूजे  का सेंट्रल ग्रोवर इकाई  स्थापित करने के लिए४० लाख 
११.पक्षियों की कोई और प्रजाति पालने के लिए १० लाख 
१२.फीड मिक्सिंग इकाई (क्षमता, 1 टन प्रति घंटे )१६ लाख 
१३.शीत गृह (मुर्गी उत्पाद ) २० लाख 
१४. बड़ी प्रसंस्करण इकाई (क्षमता, २०००-४००० पक्षी प्रति घंटे)  ५०० लाख 

आवेदन केसे करें  : पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना ( PVCF ) की दिशानिर्देश अनुसार  उद्यमियों को  बिज़नेस प्रोजेक्ट प्लान  तैयार करके अपने बैंक को दिखाना चाहिए । उसके बाद बैंक अपने मानदंडों के अनुसार प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेगा । और जब बैंक को लगेगा की उद्यमी का प्रोजेक्ट सारे मूल्यांकनों पर खरा है । तो आगे की कार्यवाही करेगा । इसके अलावा उद्यमी अपने राज्य की पशुपालन विभाग से  पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना ( PVCF ) के तहत लोन लेने और सबसिडी  हेतु मार्गदर्शन ले सकते हैं

योग्य वित्तीय संस्थान 

a. वाणिज्यिक बैंक  ( Commercial Banks ) 

b . क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक Regional Rural Banks ) 

c. राज्य सहकारी बैंक ( state Cooperative Banks ) 

d . राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ( State  Cooperative Agriculture and Rural Development Banks ) 

e. अन्य संस्थान , जो नाबार्ड  से पुनर्वित के लिए पात्र हैं । 

सब्सिडी 

यदि लाभार्थी अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति या उत्तर पूर्वी राज्यों सिक्किम इत्यादि से जुड़ा हुआ हो तो पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फण्ड योजना के तहत  33.33 % सबसिडी,  56.67 % बैंक लोन  और 10 % लाभार्थी के जेब से लगाने वाला पैसा होगा । इसके अलावा यदि लाभार्थी सामान्य जाति  से जुड़ा हुआ हो तो इस  योजना  के अंतर्गत 25 % सबसिडी  . 65 % Loan और 10 % लाभार्थी के जेब से लगने वाला पैसा होगा ।