बकरी पालन प्रशिक्षण

दिनांक : ०६.०२.२०२१  

ग्राम : अलवाय, (महू)

नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविध्यालय के पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय महू के पशुचिकित्सा एवं पशुपालन विस्तार विभाग द्वारा भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् की अनुसूचित जाति परियोजना (२०२०-२१) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के पशुपालकों  के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु एक दिवसीय बकरी पालन  प्रशिक्षण दिनांक ०६.०२.२०२१ को ग्राम-अलवाय, महू  में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में महाविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम के द्वारा दिए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. दानवीर सिंह यादव ने बकरियों के रख रखाव के बारे में विस्तार से बताया। डॉ एम एस जमरा ने बकरियों के आवास व्यवस्था के बारे में जानकारी  प्रदान की । कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. निधी श्रीवास्तव ने बकरियों में होने बाले प्रमुख रोग एवं उनके निदान के बारे में बताया । डॉ. अरुण मोर्य ने पशुपालकों को बताया की बकरियों में विभिन्न रोगों से बचाव के टीके कब कब लगवाये तथा रोगों के बचाव पर भी चर्चा की । परजीवी विज्ञान वभाग की डॉ. निर्मला जमरा ने बकरियों में विभिन्न परजीवियों (बाह्य एवं अन्तः परजीवी) से होने वाली हानियों के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा बकरी पालकों को परजीवियों का प्रदर्शन भी किया । डॉ अशोक पाटिल ने बकरियों के आहार व्यवस्था तथा खनिज लवण मिश्रण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । कार्यक्रम के समन्वयक डॉ दीपक गांगिल ने पशुपालकों को मध्यप्रदेश की बकरी पालन में विभिन्न योजनाओ से अवगत कराया। डॉ. जितेन्द्र सिंह यादव (सह- समन्वयक) द्वारा सभी हितग्राहियों का पंजीकरण किया गया । अनुसूचित जाति के पशुपालकों को इस प्रशिक्षण के दौरान खनिज लवण मिश्रण व पाठन सामग्री भी प्रदान की गई । प्रशिक्षण के पश्चात् सभी को प्रमाणपत्र भी वितरित किये गए । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मैं श्री संजय जी एवम पचायत सचिव मलिक जी का भी सहयोग रहा । अनुसूचित जाति परियोजना (२०२०-२१) के अंतर्गत ये प्रशिक्षण महाविध्यालय के अधिष्ठाता डॉ मुकेश कुमार मेहता के मार्गदर्शन तथा अनुसूचित जाति परियोजना समिति की अध्यक्ष डॉ. आर. के. जैन. की अगुआई   में आयोजित किये जा रहे हैं।