मुर्गी चूज़ों की देखभाल

1. चूजा घर में पुरानी पड़ी बीेट को खुरच कर निकाल दें। फर्श को फिनाइल पानी से धोकर साफ करें। घर के अन्दर चूने से सफेदी करा दें।

2. चूजा घर के सभी खिड़की या दरवाजे बंद कर 60 ग्राम KMno4 और 120 मि.ली. फार्मोलिन को 1 लीटर पानी में प्रति 100 वर्ग फीट के हिसाब से लेकर धुआ उत्पन्न कर निजर्मीकरण करना चाहिए।

3. 2 -3 इंच गहरा व सूखा बिछावन लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी इत्यादि फर्श पर बिछा दें।

4. ब्रूडर (4×4 फीट) का 250-300 चूजों के लिए पर्याप्त होता है।

5. चिक गार्ड गन्ने/लकड़ी के फ्रेम में जाली लगाकर टिन का 1)फीट ऊंचा ब्रूडर के चारों ओर लगाना चाहिए। ब्रूडर व चिक गार्ड के बीच 2-3 फीट की दूरी रखनी चाहिए। ये चिक गार्ड चूजों को गर्मी के स्त्रोत/ब्रूडर से अधिक दूर जाने से रोकेगा। 250-300 चूजों के लिए 7 फीट परिधि का एक चिक गार्ड पर्याप्त होता है।

6. चिक गार्ड को शुरू के 7 दिनों के बाद हटा देना चाहिए।

7. शुरूवात के 5-7 दिनों तक बिछावन में अखबार बिछाना चाहिए। दाना अखबार में बिखरने से चूजें आसानी से दाना खाना सीखतें है।

8. चिक गार्ड व ब्रूडर के बीच खाली जगह में दानें व पानी के बर्तन रखें, इन्हें ब्रूडर के नीचे नहीं रखना चाहिए।

9. चूजे लाने के 6 घंटे पहले ब्रूडर को चालू कर देना चाहिए।

10. ब्रूडर हाउस के दरवाजे के बाहर फिनाइल/चूना पावडर/ ज्ञडदव4 घोल का एण्टीसेप्टिक फुट बाथ रखें।

11. चूजों को पहले 15 घण्टों में 8 प्रतिशत शक्कर या गुड़ घोल पीने के पानी में देना चाहिए। पहले 3-5 दिनों तक पीने के पानी में एण्टीबायोटिक पावडर, विटामिन बी. काम्लेक्स व सी. पाउडर, इलेक्ट्राल या ओ.आर.एस. का पावडर देना चाहिए।

12. टीकाकरण खासकर मरेक्स, रानीखेत और गुम्बोरो बीमारी के अति आवश्यक है।

              1000 चूजों को रखने के लिए आवश्यक सामग्री

1. ब्रूडर (4×4 फीट) 250-300 चूजों की क्षमता वाला = 4 नग

2. ब्रूडर गार्ड (7 फीट परिधि वाला) = 4

3. दाने के बर्तन

अ. छोटे चूजों के लिए = 40

ब. बड़े ग्रोवर फीडर   = 80

4. पानी के बर्तन

अ. छोटे चूजों के लिए (कम गहरे) = 30

ब. बड़े ग्रोवर पानी बर्तन = 30

5. बल्ब (रोशनी के लिए) = 3

6. बिछावन-लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी आदि = 2500 कि.ग्रा.

मुर्गियों के रहने की जगह, दाना व पानी के लिए आवश्यक जानकारी

1. जगह-

अ. 0 से 4 सप्ताह – 1/2 वर्ग फुट प्रति चूजा।

ब. 4 से 8 सप्ताह – 1 वर्ग फुट प्रति मुर्गी।

स. 9 से 20 सप्ताह – 2 वर्ग फुट प्रति मुर्गी।

द. 20 सप्ताह से ऊपर – 2.5 वर्ग फुट प्रति मुर्गी।

2. दाने की जगह-

अ. 0 – 4 सप्ताह – 1 इंज प्रति चूजा या 8 फीट प्रति 100 चूजे।

ब. 4 – 8 सप्ताह – 2 इंच प्रति मुर्गी या 20 फीट प्रति 100 मुर्गी।

स. 9 – 20 सप्ताह – 3 इंच प्रति मुर्गी या 25 फीट प्रति 100 मुर्गी।

द. 20 सप्ताह से ऊपर – 4 इंच प्रति मुर्गी या 300 फीट प्रति 100 मुर्गी या 20 मुर्गियों के लिए एक गोलाकार लटकने वाला बर्तन।

3. पानी की जगह – 

अ. 0 – 4 सप्ताह- दो 3 लीटर पानी बर्तन प्रति 100 चूजे या 2 फीट पानी पीने की जगह प्रति 100 चूजे।

ब. 4 – 8 सप्ताह – दो 10 लीटर पानी बर्तन प्रति प्रति 100 मुर्गी या 3 फीट पानी पीने के जगह प्रति 100 मुर्गी।

स. 9 – 20 सप्ताह – तीन 10 लीटर क्षमता का पानी बर्तन प्रति 100 मुर्गी या 8 फीट लम्बी पानी की जगह प्रति 100 मुर्गियों के लिए।

4. तापमान-

अ. 0 – 4 दिन – 35 डिग्री सेल्सियस

ब. 5 – 7 दिन – 32 डिग्री सेल्सियस

स. 2 सप्ताह – 29 डिग्री सेल्सियस

द. 3 सप्ताह – 26 डिग्री सेल्सियस

ई. 4 सप्ताह – 21 – 23 डिग्री सेल्सियस

फ. 9 से 20 सप्ताह – अतिरिक्त गर्मी देने की कोई जरूरत नहीं।

ज. 20 सप्ताह के उपर – अतिरिक्त गर्मी देने की जरूरत नहीं।

5. प्रकाश व्यवस्था-

0 – 8 सप्ताह – 23 घण्टे प्रकाश व 1 घण्टे अंधेरा।

9 – 20 सप्ताह – रात को रोशनी नहीं।

20 सप्ताह से उपर – 16 घण्टे प्रकाश व 8 घण्टे रात में अंधेरा।

6. बिछावन की गहराई – 

0 -4 सप्ताह = 2 से 3 इंच

4 – 8 सप्ताह = 4 से 5 इंच

8 – 20 सप्ताह = 5 से 6 इंच

20 सप्ताह से उपर = 6 से 8 इंच