भारतीय सिरोही बकरी


उत्पत्ति – राजस्थान का सिरोही जिला एवम् सिरोही नस्ल को राजस्थान राज्य के समीप क्षेत्रों में मुख्य रूप से जयपुर, अजमेर में लालन – पालन किया जाता है।
विशेषताएं/विशिष्ट लक्षण
शरीर – सुडोल मध्यम-आकार और गल चर्म पाया जाता है ।
शरीर का रंग – आम तौर पर हल्का या गहरे भूरे रंग के धब्बे के साथ होता हैं। कुछ पषु पूरी तरह से सफेद होते है।
कान – चपटे घुमावदार पत्ती जैसे, लटके हुये।
सींग – छोटे, घुमावदार ऊपर झुके हुये और पीछे की तरफ।
पूॅंछ – मुड़ी व घने बालों से ढॅंकी रहती है।
औसत जन्म के समय वजन – 2.0 किलोग्राम।
पहली ब्यात के समय उम्र – 19 -20 महीने और एक बच्चा प्रति ब्यात देती है। अमन बड़ा एवं विकसित।
उपयोगिता – मुख्य रूप से मांस के लिए प्रयोग किया जाता है। दुग्ध का उत्पादन अपेक्षाकृत कम है, प्रति दिन दुग्ध उत्पादन लगभग 0.5 किलोग्राम,। 120 दिन की दूध पिलाने की अवधि में 65 किलोग्राम की औसत दूध उत्पादन होता है।
औसतन प्रति वर्ष 60 प्रतिषत बकरियों मामलों में जुड़वा बच्चों का और 40 प्रतिषत बकरियों में एकल बच्चों का जन्म होता है।