गौ नस्ल ग्ओलाओ


उत्पत्ति – बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में । दोहरी उद्देश्य वाली नस्ल। 18 वीं शताब्दी में मराठों ने सेना में त्वरित परिवहन के लिए इस नस्ल का विकास किया।
विशेषताएं/विशिष्ट लक्षण –
शरीर – मध्यम ऊंचाई, हल्की बनावट और संकीर्ण।
शारीरिक रंग – गर्दन, कूबड और पुट्ठों पर गाय में सफेद और सांड में भूरा।
गर्दन – लंबी
सिर – लंबा और संकीर्ण। सीधा और थूथन की तरफ पतला। सींग के पास चैडा।
माथा – आम तौर पर चपटा।
आंखें – बादाम का आकार और कोण पर थोड़ी सी जगह।
कान – मध्यम आकार और उठे हुये।
सींग – छोटे और कठोर, बिंदुओं पर कुंद और सामान्यतः थोड़ा पीछे की ओर ढलान।
कूबड़ – मध्यम रूप से अच्छी तरह से विकसित, ढीला और लटका हुआ।
पैर – सीधे और मांसल।
खुर – मध्यम आकार, कठोर और टिकाऊ, और सड़क के काम के लिए उपयुक्त।
गलकम्बल – बड़े। म्यान – मध्यम विकसित।
पूँंछ – तुलनात्मक रूप से छोटी, घुटनों के थोड़ा नीचे तक पहुॅंचती है।
दुग्ध उत्पादन क्षमताः
औसत दैनिक दूध उत्पादन 2.9 लीटर और प्रति ब्यात दूध उत्पादन 540 लीटर